लखनऊ पुलिस ने देशभर में मेडिकल, मैनेजमेंट और इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन दिलाने के नाम पर अरबों रुपये की ठगी करने वाले हाई-प्रोफाइल साइबर गैंग का भंडाफोड़ किया है। पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड प्रेम प्रकाश एक बार फिर पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। बुधवार को उसके साथी संतोष कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों के खिलाफ कई राज्यों में धोखाधड़ी के दर्जनों केस दर्ज हैं, जबकि नेटवर्क का संचालन बेहद संगठित तरीके से किया जा रहा था। पुलिस के अनुसार, प्रेम प्रकाश देशभर में फर्जी काउंसलिंग, नकली वेबसाइट और कॉलेज से जुड़े होने का झांसा देकर छात्रों और अभिभावकों से भारी रकम वसूलता था।
जांच में सामने आया कि यह गैंग Hind Institute of Medical Science का नाम लेकर भरोसा जीतता था। प्रेम प्रकाश ने धोखाधड़ी से कमाए पैसे से अरबों की संपत्ति खड़ी की और हाई-प्रोफाइल जीवन जीने लगा। अपनी कंपनी के प्रमोशन के लिए वह ऐसे स्तर पर पहुंच चुका था कि बॉलीवुड कलाकार ग़ोविंदा और प्रीति जिंटा को भी कार्यक्रमों में बुलाता था। पुलिस की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि लग्जरी कारें, महंगे गैजेट, फाइव स्टार होटल और विदेशी टूर उसके नियमित जीवन का हिस्सा बन गए थे। दुबई और अमेरिका जैसे देशों के लगातार ट्रिप उसके रुतबे और ठगी के आकार का अंदाजा देते हैं।
इस गैंग की जड़ें केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं थीं, बल्कि देश के कई राज्यों में फैली थीं। प्रेम प्रकाश का अपराध इतिहास भी लंबा है। कुछ वर्ष पहले वह बिहार से सहारनपुर ले जाए जा रहे दौरान पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया था। फरारी के बाद उसने कई राज्यों में अलग-अलग नाम और पहचान का इस्तेमाल कर खुद को छिपाए रखा। इसी दौरान उसने ठगी से कमाए पैसों को रियल एस्टेट और अन्य कारोबारों में भी लगाया, ताकि पुलिस की नजरों से बचा रहे।
हाल ही में उसे लखनऊ पुलिस ने फिर से पकड़ लिया। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से 5 लाख रुपये कैश, कई फर्जी दस्तावेज़, राउटर और ठगी नेटवर्क में इस्तेमाल होने वाले डिजिटल उपकरण मिले हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, उसकी बीटेक डिग्री का उपयोग वह लोगों का भरोसा जीतने के लिए करता था और तकनीकी जानकारी के सहारे अपना साइबर नेटवर्क चलाता था।
फिलहाल पुलिस इस पूरे ठगी रैकेट की गहन जांच कर रही है। शुरुआती जांच से साफ है कि यह गैंग देशभर में सक्रिय था और हजारों परिवार इसकी ठगी का शिकार हुए। पुलिस अब उसके बाकी साथियों और राज्यों में फैले नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
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