May 6, 2026

मायावती पर वायरल ऑडियो को लेकर चंद्रशेखर आजाद की सफाई: बोले– “बहनजी और कांशीराम साहब का हमेशा किया है सम्मान”

आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल एक कथित ऑडियो को लेकर चर्चा में हैं। इस ऑडियो में आवाज चंद्रशेखर की बताई जा रही है, जिसमें वे बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती पर गंभीर आरोप लगाते हुए सुनाई दे रहे हैं। ऑडियो के सामने आने के बाद से ही राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई और चंद्रशेखर पर कई सवाल उठने लगे। अब खुद चंद्रशेखर आजाद ने इस ऑडियो को लेकर खुलकर सफाई दी है और इसे फर्जी बताया है।

टीवी-9 से बात करते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि किसी ऑडियो या वीडियो पर भरोसा करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि वे खुद सामने खड़े हैं। उन्होंने साफ कहा, “किसी ऑडियो या वीडियो के पास क्यों जाना जब मैं खुद कह रहा हूं कि मैंने हमेशा बहनजी का सम्मान किया है। राजनीतिक मतभेद जरूर हैं, लेकिन उनके संघर्ष को हम हमेशा नमन करते हैं। बहनजी और कांशीराम साहब का आदर हमारे संस्कारों का हिस्सा है।” उन्होंने आगे कहा कि कांशीराम साहब उनके गुरु हैं और उनका सम्मान करते रहना उनके सिद्धांतों का हिस्सा है।

कथित वायरल ऑडियो को सोशल मीडिया पर सबसे पहले डॉक्टर रोहिणी घावरी नाम की महिला ने साझा किया था। इस ऑडियो में दावा किया गया कि चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि मायावती ने कांशीराम को ब्लैकमेल किया था और धमकी दी थी कि अगर उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया, तो वह समाज के सामने झूठा आरोप लगाएंगी। ऑडियो में यह भी कहा गया है कि आकाश आनंद के पिता ने कभी कांशीराम के सिर पर बंदूक तान दी थी।

रोहिणी घावरी ने इस ऑडियो को शेयर करते हुए लिखा कि इसे कोई “AI प्रूफ” करके दिखा दे, तो उसे 1 करोड़ रुपये का इनाम दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि यह ऑडियो पूरी तरह असली है और इसमें किसी तरह की एडिटिंग नहीं की गई है। बता दें कि रोहिणी घावरी पहले भी कई बार चंद्रशेखर पर निजी आरोप लगा चुकी हैं। वह खुद को चंद्रशेखर की गर्लफ्रेंड बताती रही हैं और उन पर धोखा देने के आरोप सोशल मीडिया पर पोस्ट कर चुकी हैं।

चंद्रशेखर आजाद ने हालांकि इन सभी आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि कुछ ताकतें बहुजन आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं। “हम बहुजन समाज की एकता के लिए काम कर रहे हैं, और ऐसी झूठी ऑडियो या खबरें सिर्फ हमारे मिशन को तोड़ने की कोशिश हैं,” उन्होंने कहा। फिलहाल, यह मामला सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में गर्म है, जबकि ऑडियो की असलियत की जांच को लेकर भी बहस जारी है।

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