May 1, 2026

लखनऊ में बसपा की महारैली: मायावती का बड़ा ऐलान – 2027 का चुनाव अकेले लड़ेगी BSP, आकाश आनंद बने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष

सपा पर जमकर बरसीं मायावती, योगी सरकार की तारीफ की, आजम खान को लेकर अफवाहों पर दिया जवाब

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बहुजन समाज पार्टी (BSP) सुप्रीमो मायावती ने गुरुवार को अपनी पार्टी की शक्ति प्रदर्शन रैली में बड़ा ऐलान किया। लखनऊ के रमाबाई अंबेडकर मैदान में आयोजित इस विशाल रैली में मायावती ने कहा कि पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव में किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी, बल्कि अकेले चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि पिछली बार के अनुभवों से ये साफ है कि गठबंधन से पार्टी को कोई लाभ नहीं हुआ। मायावती ने यह भी कहा कि 2027 में बहुजन समाज पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी।

रैली के दौरान मायावती ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सपा “दोगली पार्टी” है, जो सत्ता में न रहने पर जनता को गुमराह करने की कोशिश करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार ने कांशीराम के नाम पर बने संस्थानों और योजनाओं के नाम बदल दिए। मायावती ने कहा कि जब सपा सत्ता से बाहर होती है, तभी उसे “पीडीए” और “बहुजन आंदोलन” की याद आती है, जबकि सत्ता में रहते हुए वे इन विचारों को भूल जाते हैं।

इस दौरान मायावती ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने अंबेडकर पार्क के रखरखाव में बेहतर काम किया है। उन्होंने कहा कि बीएसपी सरकार के दौरान बने इस पार्क की मरम्मत और देखरेख पर मौजूदा सरकार ने खर्च किया, जबकि सपा सरकार के समय इस पर एक पैसा भी नहीं लगाया गया था। मायावती ने कहा कि वह मौजूदा सरकार की इस कार्यप्रणाली की सराहना करती हैं।

आजम खान के बीएसपी में शामिल होने की अटकलों पर मायावती ने जवाब दिया। उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि “मैं किसी से छिपकर नहीं मिलती। अफवाहें और फर्जी खबरें फैलाकर लोगों को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है।” मायावती ने साफ किया कि ऐसे किसी भी राजनीतिक जुड़ाव की खबरें गलत हैं और उनका किसी से इस तरह का कोई संपर्क नहीं हुआ है।

रैली के अंत में मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को बहुजन समाज पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष घोषित किया और उन्हें अपना उत्तराधिकारी बताया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि जैसे उन्होंने कांशीराम और उनके समय में पार्टी को मज़बूत किया, वैसे ही अब आकाश आनंद के साथ मजबूती से खड़े रहें। मायावती के इस ऐलान के साथ ही बीएसपी के अगले राजनीतिक अध्याय की दिशा भी तय होती दिख रही है, जिसमें पार्टी का नेतृत्व अब युवा पीढ़ी के हाथों में जाने की तैयारी में है।

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