April 18, 2026

बरसाना के होटल में टॉयलेट के गंदे पानी से धोए जा रहे थे बर्तन, वायरल वीडियो से मचा हड़कंप — भूरा खान के खिलाफ पुलिस ने की सख्त कार्रवाई

मथुरा/बरसाना – उत्तर प्रदेश के मथुरा ज़िले में स्थित धार्मिक स्थल बरसाना से एक शर्मनाक और हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जिसने श्रद्धालुओं की आस्था को गहरी चोट पहुंचाई है। बरसाना की गोवर्धन रोड पर स्थित एक होटल में टॉयलेट के गंदे पानी से खाने के बर्तन धोने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया।

इस पूरे मामले में जो सबसे चौंकाने वाली बात सामने आई, वह यह कि होटल ‘वीके बृजवासी’ के नाम से चल रहा था, लेकिन इसका असली संचालक भूरा खान नाम का एक मुस्लिम व्यक्ति निकला, जो होटल को हिंदू नाम के जरिए चला रहा था। यह होटल वह अपने भांजे के साथ मिलकर चला रहा था।

वायरल वीडियो ने खोली गंदगी की परतें

वायरल वीडियो में देखा गया कि एक नाबालिग लड़का शौचालय से गंदा पानी ला रहा है और उसी पानी से होटल के बर्तन धो रहा है। बाद में इन्हीं बर्तनों में श्रद्धालुओं को भोजन परोसा जा रहा था। इस वीडियो ने न सिर्फ स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा किया, बल्कि सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिली।

पुलिस का एक्शन और गंभीर धाराओं में केस

जैसे ही मामला पुलिस तक पहुंचा, बरसाना थाने की टीम तुरंत सक्रिय हुई। कस्बा इंचार्ज अवधेश पुरोहित ने बताया कि होटल संचालक भूरा खान पर संक्रमित भोजन परोसने, धार्मिक भावनाओं को आहत करने और बाल अधिकार अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने होटल में छापेमारी कर संचालक और उसके भांजे को हिरासत में लेने की कोशिश की, साथ ही होटल को भी सील कर दिया गया है।

स्थानीय लोगों की नाराजगी और जांच की मांग

घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं ने तीखी नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि यह श्रद्धा और विश्वास के साथ धोखा है। उनका आरोप है कि इस तरह की गतिविधियाँ तीर्थ स्थलों की पवित्रता को नष्ट कर रही हैं।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि न केवल होटलों, बल्कि सभी छोटे-बड़े दुकानदारों और भोजनालयों की भी जांच की जाए, ताकि भविष्य में किसी श्रद्धालु के साथ इस तरह का छल न हो।

मुस्लिम नाम छिपाकर हिंदू पहचान से कारोबार

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि होटल का संचालक मुस्लिम होते हुए भी ‘वीके बृजवासी होटल’ जैसे हिंदू नाम का इस्तेमाल कर रहा था, ताकि श्रद्धालुओं को गुमराह किया जा सके और धार्मिक भावनाओं के सहारे कारोबार को बढ़ाया जा सके। यह बात सामने आने के बाद यह मामला केवल साफ-सफाई या खाद्य सुरक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि धार्मिक छल के मुद्दे में तब्दील हो गया।

प्रशासन की सख्ती की उम्मीद

अब यह मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में भी पहुंच चुका है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में बरसाना और आसपास के होटलों की एक व्यापक जांच अभियान चलाया जाएगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला एक चेतावनी भी है कि तीर्थ स्थलों की पवित्रता केवल श्रद्धा से नहीं, बल्कि व्यवस्था और सतर्कता से भी कायम रखी जा सकती है। प्रशासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है कि ऐसे मामलों को समय रहते रोका जाए और दोषियों को कड़ी सजा दी जाए।

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