April 22, 2026

वाराणसी में महाशिवरात्रि पर तैयारियां पूरी, श्रद्धालुओं के लिए अद्वितीय व्यवस्था, बाबा विश्वनाथ की नगरी में रहेगा सुरक्षा का कड़ा तंत्र

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में महाशिवरात्रि का पर्व हर साल विशेष धूमधाम से मनाया जाता है। खासतौर पर इस बार, काशी विश्वनाथ मंदिर में इस आयोजन को लेकर अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। खास बात यह है कि बाबा विश्वनाथ 43 वर्षों के बाद पहली बार लगातार 46 घंटे तक अपने भक्तों को दर्शन देंगे। यह अवसर काशी के श्रद्धालुओं के लिए ऐतिहासिक और अलौकिक साबित होने वाला है।

अखाड़े के दर्शन और पूजन के लिए नया समय निर्धारित

इस साल महाशिवरात्रि पर मंदिर प्रशासन और पंच दसनाम जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि के साथ हुई एक बैठक के बाद, विशेष व्यवस्था की गई है। इस बैठक में तय किया गया कि महाशिवरात्रि के दिन अखाड़े के साधू-संन्यासियों और नागा साधुओं के लिए सुबह 6 बजे से 9 बजे तक दर्शन के लिए विशेष समय निर्धारित किया गया है। इस दौरान, गेट नंबर चार से विशेष दर्शन होंगे। ध्यान रहे कि जब तक अखाड़े के साधू बाबा विश्वनाथ के दर्शन करेंगे, गेट नंबर चार से आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन बंद रहेंगे।

टॉप सुरक्षा व्यवस्था, ड्रोन और रूफ टॉप फोर्स की तैनाती

महाशिवरात्रि के आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष और वाराणसी के मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने बताया कि मंदिर परिसर, गोदौलिया से दशास्वमेध घाट तक के इलाके को छह जोन और 18 सेक्टर में बांटकर सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। इसमें 1800 अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों के साथ दस प्रशासनिक अधिकारी, 19 इंस्पेक्टर रैंक के अफसर और 389 सब इंस्पेक्टर को तैनात किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त, विश्वनाथ धाम और घाटों की निगरानी टेथर्ड ड्रोन से की जाएगी और रूफ टॉप फोर्स को तैनात किया जाएगा। सुरक्षा में एसएसबी, पीएसी, सीआरपीएफ के जवानों के साथ-साथ एटीएस के कमांडो भी निगरानी करेंगे।

शिव बारात पर रोक, अब 27 फरवरी को निकलेगी

महाशिवरात्रि के दिन वाराणसी में शहर भर में शिव बारात निकलने की परंपरा है, लेकिन इस बार श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने शहर में शिव बारात निकालने पर रोक लगा दी है। अब यह शिव बारात महाशिवरात्रि के अगले दिन, यानी 27 फरवरी को निकाली जाएगी। आमतौर पर, इस दिन वाराणसी में 40 से ज्यादा शिव बारातें निकलती हैं, जो शहर की सड़कों को सजाती हैं।

बाबा विश्वनाथ का प्रसाद अब घर बैठे, भारतीय डाक से मंगवाएं

महाशिवरात्रि के दौरान, काशी विश्वनाथ मंदिर का प्रसाद अब देशभर में भारतीय डाक सेवा के जरिए भेजा जाएगा। भक्त मात्र ₹251 रुपये का ई-मनीऑर्डर प्रवर अधीक्षक डाकघर, वाराणसी (पूर्वी) मंडल-221001 के नाम से भेजकर बाबा विश्वनाथ का प्रसाद प्राप्त कर सकते हैं। प्रसाद में श्री काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग की छवि, महामृत्युंजय मंत्र, शिव चालीसा, रुद्राक्ष माला, बेलपत्र, सिक्का, भभूति और मेवा-मिश्री का पैकेट जैसी कई धार्मिक वस्तुएं शामिल होंगी।

इसके अलावा, डाक विभाग ने एक विशेष व्यवस्था की है, जिसके तहत भक्तों को अपने मोबाइल नंबर पर स्पीड पोस्ट का ट्रैकिंग डिटेल एसएमएस के जरिए मिलेगा। इसके लिए भक्तों को ई-मनीऑर्डर में अपना पूरा पता, पिन कोड और मोबाइल नंबर लिखना अनिवार्य होगा।

महाशिवरात्रि के दौरान बनारस में भक्तों को मिलेगा अपूर्व अनुभव

महाशिवरात्रि के मौके पर काशी में होने वाली इन विशेष व्यवस्थाओं के साथ, भक्तों को एक अलग ही अनुभव मिलेगा। सुरक्षा व्यवस्था, प्रसाद वितरण और खास दर्शन की व्यवस्थाओं ने इस साल के आयोजन को और भी खास बना दिया है। यह अवसर न केवल काशी के भक्तों के लिए, बल्कि देशभर के श्रद्धालुओं के लिए एक ऐतिहासिक मौका साबित होने वाला है। अब यह देखना होगा कि कैसे इन तैयारियों के साथ महाशिवरात्रि का पर्व काशी के आंगन में रौनक बिखेरता है और लाखों श्रद्धालुओं की श्रद्धा बाबा विश्वनाथ के चरणों में अर्पित होती है।

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