April 21, 2026

प्रयागराज महाकुंभ का आज औपचारिक समापन, 66 करोड़ श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व आस्था प्रदर्शन

प्रयागराज के तीर्थराज संगम में 45 दिनों तक चलने वाले महाकुंभ का आज औपचारिक समापन समारोह है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मेला कर्मियों और सफाई कर्मचारियों को सम्मानित करेंगे। मुख्यमंत्री के साथ उनके दोनों डिप्टी और कई मंत्री भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी सुबह 9 बजे प्रयागराज पहुंचेंगे और महाकुंभ में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित करेंगे।

महाकुंभ में श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व प्रदर्शन

प्रयागराज में 144 साल बाद आयोजित हुआ यह महाकुंभ लाखों श्रद्धालुओं के लिए एक ऐतिहासिक अवसर था। 13 जनवरी को शुरू हुए इस महाकुंभ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई। इस दौरान सबसे ज्यादा श्रद्धालुओं का आगमन महाशिवरात्रि के दिन हुआ, जब 26 फरवरी को 1.32 करोड़ से अधिक लोगों ने पवित्र त्रिवेणी संगम में स्नान किया। सीएम योगी ने इस सफल आयोजन के लिए साधु-संतों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने मिलकर इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।

महाशिवरात्रि पर समाप्त हुआ महाकुंभ, आज होगा औपचारिक समापन

महाशिवरात्रि के दिन महाकुंभ का असल में समापन हो चुका था, लेकिन इसकी औपचारिक घोषणा आज की जाएगी। इस दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ सफाई और मेला कर्मियों को सम्मानित करेंगे, जिन्होंने इस विशाल आयोजन में अहम भूमिका निभाई। महाकुंभ के अंतिम स्नान पर, वायुसेना ने हेलीकॉप्टर से श्रद्धालुओं को सलामी दी और मेला परिसर में फूलों की बारिश भी की गई।

महाकुंभ की भव्यता और सुरक्षा इंतजाम

महाकुंभ के इस संस्करण में दुनिया भर से श्रद्धालुओं ने भाग लिया। नेपाल, भूटान, अमेरिका, इंग्लैंड, जापान समेत 50 से अधिक देशों से लोग संगम की पवित्र धारा में डुबकी लगाने पहुंचे। इस बार महाकुंभ में 20 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने कल्पवास भी किया। महाकुंभ के दौरान सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। हालांकि, भगदड़ की कुछ छिटपुट घटनाएं हुईं, लेकिन मेला परिसर में कोई बड़ी घटना नहीं घटी। राज्य के अधिकारियों की देखरेख में यह महाकुंभ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और पूरे प्रदेश तथा देश का सिर ऊंचा किया।

देश-विदेश से श्रद्धालुओं का आगमन

इस महाकुंभ में सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया से श्रद्धालु पहुंचे। विशेष रूप से, नेपाल, भूटान, जापान, अमेरिका, इंग्लैंड जैसे देशों से लोग इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बने। यह महाकुंभ न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक बना, जिसमें सभी धर्मों और समुदायों के लोग एक साथ आकर संगम में डुबकी लगाते हुए देश की एकता और अखंडता को प्रकट किया।

राज्य सरकार के योगदान को सराहा गया

महाकुंभ के इस सफल आयोजन के पीछे राज्य सरकार के कई प्रमुख अधिकारियों का योगदान रहा। उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण के चलते ही यह विशाल और जटिल आयोजन सुचारू रूप से संपन्न हुआ। महाकुंभ के सफल आयोजन ने न सिर्फ प्रयागराज को बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश को एक वैश्विक पहचान दिलाई है।

आज का औपचारिक समापन समारोह महाकुंभ के आयोजन की एक और ऐतिहासिक धरोहर के रूप में याद किया जाएगा, जिसमें लाखों श्रद्धालुओं की आस्था और देश-विदेश से आई भागीदारी ने इसे विशेष बना दिया।

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