April 17, 2026

प्रयागराज महाकुंभ में संगम के पानी में फेकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया की बढ़ी मात्रा: स्वास्थ्य जोखिमों को लेकर विशेषज्ञों ने जताई चिंता

प्रयागराज में जारी महाकुंभ अब समापन की ओर बढ़ रहा है और इस बीच संगम में स्नान करने वाले लोगों की संख्या 50 करोड़ से अधिक हो चुकी है। 26 फरवरी तक चलने वाले इस महाकुंभ में यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। लाखों श्रद्धालु हर दिन गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में स्नान कर रहे हैं, लेकिन इस दौरान नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने प्रयागराज में संगम के पानी में फेकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया की अधिक मात्रा पर गंभीर चिंता जताई है।

क्या है फेकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया?

फेकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया दरअसल एक बैक्टीरिया समूह है, जो मानव और जानवरों के मल में पाया जाता है। यह अपने आप में खतरनाक नहीं होता, लेकिन अगर यह पानी में मौजूद हो, तो यह दूसरे खतरनाक बैक्टीरिया की उपस्थिति का संकेत हो सकता है। इस बैक्टीरिया का अधिक मात्रा में मिलना कई बीमारियों का कारण बन सकता है, जैसे कि त्वचा रोग, डायरिया, यूरिनरी इन्फेक्शन, सेप्सिस, टाइफाइड और गैस्ट्रोएंटेराइटिस जैसी समस्याएं।

संगम में गंदगी का प्रभाव

संगम में स्नान करने के दौरान, कई बार श्रद्धालु अपनी धार्मिक अनुष्ठान करने के साथ-साथ गंदगी और अन्य अपशिष्ट भी पानी में डाल देते हैं। इसके परिणामस्वरूप, गंगा-यमुना के संगम में फेकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया की मात्रा बढ़ जाती है। यह बैक्टीरिया आमतौर पर गंदगी, सीवेज या मल-मूत्र के संपर्क में आने से पानी में पहुंचता है, और जब इतनी बड़ी संख्या में लोग एक ही स्थान पर स्नान कर रहे होते हैं, तो पानी की गुणवत्ता खराब हो जाती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि महाकुंभ से लौटने वाले लोगों में कई स्वास्थ्य समस्याएं देखी जा रही हैं। इनमें वायरल इंफेक्शन, गैस्ट्रोएन्टेराइटिस, दस्त, उल्टी जैसी समस्याएं आम हो रही हैं। हालांकि, इतने बड़े धार्मिक आयोजन में यह समस्याएं स्वाभाविक हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इसके कारण खानपान की गड़बड़ी, गंदे पानी का सेवन और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अत्यधिक समय बिताना हो सकते हैं।

सेहत पर असर: जानिए क्या हो सकती हैं बीमारियां

महाकुंभ के दौरान संगम में स्नान करते समय यदि कोई व्यक्ति गंदे पानी में डुबकी लगाता है या पानी पी लेता है, तो यह विभिन्न प्रकार की बीमारियों का कारण बन सकता है:

  • पेट से जुड़ी समस्याएं: गंदे पानी के सेवन से दस्त, उल्टी और पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
  • त्वचा पर एलर्जी और इन्फेक्शन: गंदे पानी में स्नान करने से खुजली, रैशेज और फंगल इन्फेक्शन हो सकता है।
  • आंख और कान का इन्फेक्शन: यह बैक्टीरिया आंखों में जलन और कान में इन्फेक्शन का कारण बन सकता है।
  • टाइफाइड और पीलिया (हेपेटाइटिस A): गंदे पानी के संपर्क में आने से गंभीर बीमारियां हो सकती हैं, जैसे टाइफाइड और पीलिया।
  • मूत्र मार्ग संक्रमण (UTI): खासकर महिलाओं और बच्चों में यह समस्या ज्यादा देखी जाती है, जिससे कई स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

स्वास्थ्य सावधानियां: कैसे बचें इन खतरों से?

विशेषज्ञों का कहना है कि महाकुंभ में स्नान करने के बाद, श्रद्धालुओं को गंगा-यमुना के पानी से बचने की सलाह दी जाती है। यह भी सख्त चेतावनी दी गई है कि किसी भी परिस्थिति में गंदे पानी को पीने से बचें। साथ ही, स्वच्छ खानपान और साफ-सफाई का ध्यान रखते हुए इन बीमारियों से बचने के उपाय अपनाए जा सकते हैं।

क्या है भविष्य की दिशा?

हालांकि महाकुंभ में स्नान करने से धार्मिक पुण्य की प्राप्ति होती है, लेकिन बढ़ती संख्या में श्रद्धालुओं के आने और संगम के पानी में गंदगी के जमा होने से पानी की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के द्वारा उठाए गए कदमों के बावजूद, अगर इस प्रकार की समस्या बढ़ती है, तो भविष्य में और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।

अब देखना यह होगा कि महाकुंभ के समापन तक इस समस्या पर कैसे काबू पाया जाता है और क्या श्रद्धालुओं को गंदे पानी से बचने के लिए कोई प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।

Share this content:

About The Author

error: Content is protected !!