महाकुंभ में भारी भीड़ का असर: प्रयागराज, अयोध्या, काशी और मिर्जापुर में ट्रैफिक व्यवस्था हुई ठप, स्कूलों में छुट्टी, ऑनलाइन पढ़ाई शुरू
महाकुंभ में उमड़ी भारी भीड़ के चलते एक बार फिर प्रयागराज और उसके आसपास के जिलों में ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई है, जिससे प्रशासन को कई अहम निर्णय लेने पड़े हैं। प्रयागराज के साथ-साथ अयोध्या, काशी और मिर्जापुर में भीषण भीड़ के कारण स्थिति गंभीर हो गई है। इसे देखते हुए संबंधित जिला प्रशासन ने इन चारों जिलों में 14 फरवरी तक स्कूलों को बंद कर दिया है। साथ ही भीड़ प्रबंधन और ट्रैफिक नियंत्रण के लिए लखनऊ और अन्य जिलों से पुलिस और प्रशासन के अनुभवी अधिकारियों को भेजा गया है। इन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपने-अपने पॉइंट पर पहुंच कर स्थिति को कंट्रोल करने के निर्देश दिए गए हैं।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने एसटीएफ प्रमुख को दी अहम जिम्मेदारी
महाकुंभ के दौरान बढ़ी भीड़ और ट्रैफिक की समस्याओं को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसटीएफ के प्रमुख अमिताभ यश को खास जिम्मेदारी दी है और उन्हें प्रयागराज भेजा है। इसके अलावा, 52 आईएएस, आईपीएस और पीसीएस अफसरों को भी तत्काल महाकुंभ पहुंच कर ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालने के लिए निर्देशित किया गया है। इन अधिकारियों को उनकी ड्यूटी का स्थान पहले से ही मोबाइल पर भेज दिया गया था, ताकि वे तुरंत स्पॉट पर पहुंचकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें।
14 फरवरी तक स्कूलों में छुट्टी, ऑनलाइन पढ़ाई शुरू
उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में ट्रैफिक के हालात को देखते हुए प्रशासन ने 14 फरवरी तक स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया है। मिर्जापुर से मिली जानकारी के अनुसार, यहां सोमवार से ही भारी भीड़ का सामना किया जा रहा है और इस वजह से सभी बोर्ड के 8वीं तक के स्कूल 11 फरवरी से 13 फरवरी तक बंद कर दिए गए हैं। इसी प्रकार, बनारस में भी जिला प्रशासन ने स्कूलों में छुट्टी की घोषणा की है। गाजीपुर से बनारस की ओर आने वाले भारी वाहनों को जिले की सीमा पर रोक दिया गया है।
अयोध्या और काशी में भी स्कूल बंद
राम नगरी अयोध्या में भी 14 फरवरी तक 12वीं तक के सभी बोर्ड स्कूल बंद कर दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने यह निर्देश दिया है कि स्कूलों को बंद करने के बावजूद बच्चों की पढ़ाई ऑनलाइन माध्यम से की जाए। इसके अलावा, शहरवासियों से अपील की गई है कि वे बिना किसी ठोस वजह के सड़कों पर न निकलें, ताकि यातायात व्यवस्था पर अधिक दबाव न पड़े।
महाकुंभ के दौरान उत्पन्न हुए इन चुनौतियों के बीच प्रशासन ने मुस्तैदी से हालात पर काबू पाने के लिए कदम उठाए हैं, ताकि लोगों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित की जा सके। अब देखना होगा कि प्रशासन की यह रणनीति कितनी कारगर साबित होती है और महाकुंभ में उमड़ी भीड़ से जूझने में कितना सफलता मिलती है।
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