होली के दिन हुए संघर्ष में घायल युवक की मौत, गांव में तनाव, तीन आरोपी गिरफ्तार
लखनऊ – होली के जश्न के बीच सैरपुर के टंटापुरवा गांव में हुई हिंसक झड़प अब एक बड़े विवाद में बदल गई है। इस झगड़े में गंभीर रूप से घायल हुए 24 वर्षीय अनिकेत यादव की इलाज के दौरान मौत हो गई, जिससे गांव में तनाव फैल गया है। पुलिस ने पहले ही दोनों पक्षों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया था, लेकिन अब अनिकेत की मौत के बाद आरोपियों पर और कड़ी धाराएं लगाई जाएंगी।
क्या है पूरा मामला?
घटना होली के दिन की है जब टंटापुरवा गांव में होली का उत्सव चल रहा था। गांव के राजेश यादव अपनी पत्नी हेमलता, बेटों शुभम और अनिकेत के साथ इस उत्सव में मौजूद थे। तभी गांव के ही रामसेवक, दिलीप, सियाराम, नीरज आनंद और आदित्य अपने साथियों के साथ वहां पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। जब राजेश यादव के परिवार ने विरोध किया, तो लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
मारपीट इतनी गंभीर थी कि आसपास के लोग बीच-बचाव के लिए दौड़े। इस हमले में अनिकेत यादव गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तत्काल एक निजी अस्पताल ले जाया गया। चार दिन तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद रविवार को अनिकेत ने दम तोड़ दिया।
दूसरे पक्ष ने भी लगाया मारपीट का आरोप
इस मामले में रामसेवक के भाई दिलीप ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। दिलीप का आरोप है कि राम अवध यादव, रामबख्श यादव, राम सागर यादव, अनिकेत यादव उर्फ गप्पू, अमित यादव उर्फ गोलू और अमन यादव ने मिलकर उनके परिवार पर हमला किया। उन्होंने कहा कि उनके भाई रामसेवक, सियाराम और भतीजे-भतीजी पर भी लाठी-डंडों से हमला किया गया, जिससे उनके परिवार के कई सदस्य घायल हो गए।
पुलिस ने की कार्रवाई, तीन आरोपी गिरफ्तार
घटना के बाद सैरपुर थाना पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया। अनिकेत की मौत के बाद पुलिस अब मामले में हत्या की धारा जोड़ने जा रही है। पुलिस ने आरोपियों पर शिकंजा कसते हुए दिलीप, नीरज और आदित्य को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
गांव में तनाव, पुलिस की सतर्कता बढ़ी
अनिकेत की मौत के बाद टंटापुरवा गांव में तनाव का माहौल है। पुलिस हालात पर नजर बनाए हुए है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए गश्त बढ़ा दी गई है। थाना प्रभारी के मुताबिक, बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है और जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
यह मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि त्योहारों की खुशियों को किस तरह आपसी रंजिश और विवाद की आग में झोंक दिया जाता है। पुलिस की कार्रवाई अब यह तय करेगी कि दोषियों को कड़ी सजा मिले और गांव में शांति बहाल हो।
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