पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर भीषण सड़क हादसा: 4 की मौत, दर्जनभर से अधिक घायल, सवालों में फंसी तेज रफ्तार
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर रविवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसने हर किसी को हिलाकर रख दिया। लखनऊ के गोसांईगंज के पास लोनीकटरा थाना क्षेत्र में एक सड़क किनारे खड़ी बस को टेम्पो ट्रेवलर ने जोरदार टक्कर मार दी, जिसके परिणामस्वरूप चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 19 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। ये सभी यात्री महाराष्ट्र के थे और महाकुंभ में स्नान करके अयोध्या जा रहे थे।
घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और हाइवे पर चीख-पुकार गूंज उठी। स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस ने मिलकर घायलों को मिनी बस से बाहर निकाला और उन्हें अस्पताल पहुंचाया। घायलों को तुरंत लखनऊ के गोसांईगंज अस्पताल में भर्ती किया गया, वहीं कुछ को गंभीर स्थिति में ट्रॉमा सेंटर भेजा गया।
मिनी बस की तेज रफ्तार बनी मौत का कारण
हादसे के बारे में मिली जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ से अयोध्या जा रही एक बस में खराबी आ गई थी, जिसके कारण वह सड़क के किनारे खड़ी थी। इसी दौरान, महाराष्ट्र से आ रही तेज रफ्तार मिनी बस ने उस बस को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि मिनी बस के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों में तीन पुरुष और एक महिला शामिल हैं, जिनकी पहचान महाराष्ट्र के नांदेड़ निवासी दीपक, सुनील और महिला अनसूईया के रूप में हुई है।
हादसा इतना भीषण था कि मिनी बस पूरी तरह चकनाचूर हो गई, और शवों को निकालने में घंटों का समय लग गया। टक्कर के बाद सड़क पर चीखें सुनकर आसपास के ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया और राहत-बचाव कार्य में जुट गए। पुलिस और प्रशासन ने घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा और मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
हादसा बनाम सुरक्षा: क्या था कारण?
प्राथमिक जांच से पता चला है कि मिनी बस की रफ्तार काफी ज्यादा थी और संभवतः ड्राइवर को खड़ी बस का ध्यान नहीं आया। पुलिस का यह भी मानना है कि ड्राइवर को झपकी आ सकती है, जिससे यह हादसा हुआ। हालांकि पुलिस ने इस मामले की और जांच शुरू कर दी है।
हादसे में बचे हुए यात्री अभी भी गहरे सदमे में हैं। उनका कहना है कि उनकी यात्रा अचानक मातम में बदल गई। अयोध्या के इस धार्मिक यात्रा पर जो लोग अपनी आस्था और श्रद्धा के साथ यात्रा कर रहे थे, उन्हें अचानक इस दर्दनाक हादसे का शिकार होना पड़ा। घायलों के परिजन अस्पतालों में अपने परिवार की सलामती के लिए दुआ मांग रहे हैं।
सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार पर सवाल उठे
इस घटना ने एक बार फिर से तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने मृतकों के परिवारों को मुआवजे का आश्वासन दिया है, लेकिन इस हादसे ने लोगों के मन में भय और चिंता पैदा कर दी है कि क्या हम अपनी सड़क सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बना सकते हैं। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को क्रेन की मदद से हटाकर यातायात बहाल किया।
इस हादसे ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की अनदेखी का कितना भयंकर परिणाम हो सकता है।
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