April 17, 2026

आलोचनाओं के घेरे में आया ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ शो, महिला आयोग की शिकायत के बाद लखनऊ में अनुभव सिन्हा बस्सी का शो रद्द!

इन दिनों “इंडियाज गॉट लेटेंट” शो में दिए गए विवादास्पद बयान ने एक बार फिर से सुर्खियां बटोरी हैं। यूट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया और शो के होस्ट समय रैना सहित शो के कुछ अन्य कलाकारों को आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। यह मामला अब कॉमेडियन अनुभव सिन्हा बस्सी तक पहुंच गया है, जिन्होंने इस शो में हिस्सा लिया था। उनके लखनऊ में होने वाले स्टैंडअप शो को कैंसल कर दिया गया है, और इसके पीछे कारण शो में प्रयुक्त भाषा और कंटेंट को लेकर बढ़ते विवाद हैं।

लखनऊ में शो कैंसिल, पुलिस का दखल

अनुभव सिन्हा का शो शनिवार को लखनऊ के गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित होने वाला था। शो की शुरुआत से पहले ही पुलिस और लखनऊ डेवलपमेंट अथॉरिटी की टीम ने मौके पर पहुंचकर इस कार्यक्रम को रद्द कर दिया। लखनऊ के अधिकारी इस शो में अभद्र भाषा के इस्तेमाल को लेकर चिंतित थे, जो पहले भी अनुभव सिन्हा के कुछ अन्य शो में देखा गया था। इस निर्णय के बाद, बस्सी को कार्यक्रम से वापस भेज दिया गया।

महिला आयोग की कड़ी आपत्ति और पत्र

इस शो को लेकर उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने भी गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने 14 फरवरी को डीजीपी प्रशांत कुमार को पत्र लिखकर इस शो में महिलाओं की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले कंटेंट का विरोध किया और इस तरह के कार्यक्रमों के खिलाफ कड़े कदम उठाने की मांग की। पत्र में उन्होंने कहा, “बस्सी के शो में अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया जाता है, जो महिलाओं के लिए अशोभनीय है। इस शो को रद्द कर दिया जाए और भविष्य में इस तरह के शो की अनुमति नहीं दी जाए।”

क्या है शो का विवादित पहलू?

महिला आयोग के पत्र में शो में उपयोग की गई भाषा और कंटेंट को लेकर सवाल उठाए गए हैं, जिसमें महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की जाती है। वहीं, इससे पहले भी “इंडियाज गॉट लेटेंट” शो में दिए गए रणवीर इलाहाबादिया के बयान पर विवाद हुआ था, जो अब सोशल मीडिया पर फैल चुका है। यह पूरी स्थिति इस बात को दर्शाती है कि शो में इस्तेमाल की जाने वाली भाषा और कंटेंट पर कड़ी निगरानी रखने की आवश्यकता है।

क्या यह एक व्यापक मुद्दा बन जाएगा?

यह मामला अब केवल एक शो तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह पूरे स्टैंडअप कॉमेडी और सार्वजनिक कार्यक्रमों के कंटेंट पर सवाल खड़ा करता है। महिला आयोग और अन्य सामाजिक संस्थाओं के बढ़ते विरोध के कारण यह देखना होगा कि भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों को लेकर किस तरह की कार्रवाई की जाती है।

अब, जब महिला आयोग की ओर से कड़ा रुख अपनाया गया है, क्या इस मामले में और भी शो रद्द होंगे? क्या यह पूरे इंडस्ट्री के लिए एक चेतावनी होगी, जहां अभद्र भाषा और महिलाओं के प्रति सम्मान की कमी को लेकर आगे और कड़े नियम बन सकते हैं?

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