लखनऊ: एडेड विद्यालयों में फर्जी नियुक्तियों का बड़ा खुलासा, 48 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज
संभल, बलरामपुर और मुजफ्फरनगर के एडेड स्कूलों में स्नातक शिक्षकों की फर्जी नियुक्तियों का मामला सामने आया, विजिलेंस ने तत्कालीन अधिकारियों और प्रबंधकों को नामजद किया।
लखनऊ से मिली जानकारी के अनुसार, विजिलेंस के प्रयागराज सेक्टर ने 48 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इसमें तीन तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS), माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के उप सचिव, संबंधित कॉलेजों के प्रिंसिपल, पटल सहायक और फर्जी नियुक्तियां पाने वाले स्नातक शिक्षक शामिल हैं। जांच में यह सामने आया कि 2013 और 2016 के विज्ञापनों के तहत कई अभ्यर्थियों ने परीक्षा दिए बिना ही प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक के पदों पर नियुक्ति प्राप्त कर ली।
जाँच के दौरान पता चला कि इन नियुक्तियों के लिए फर्जी पैनल तैयार किए गए, जिन्हें बिना सत्यापन के संबंधित विद्यालयों में भेजा गया। चयन बोर्ड द्वारा बनाए गए पैनल पहले वेबसाइट पर अपलोड होते थे और फिर रजिस्टर्ड डाक या ई-मेल के जरिए DIOS को भेजे जाते थे। DIOS की जिम्मेदारी थी कि वे पैनल का सत्यापन करें, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं हुआ। इस चूक से सरकार को लगभग ₹36.43 लाख की आर्थिक हानि हुई।
FIR में तत्कालीन DIOS अमरोहा गजेंद्र कुमार, गोविद राम, मनोज कुमार आर्य, चयन बोर्ड के उप सचिव नवल किशोर, पटल सहायक प्रमोद कुमार शर्मा, शिक्षक विवेक कुमार शुक्ला, राजकुमार, विकास तिवारी, अमित कुमार श्रीवास्तव, दीपिका सिंह, संजय कुमार दुबे, मृत्युंजय यादव, ऋतु जैसवार और पंकज यादव समेत कुल 48 लोगों को नामजद किया गया है।
यह जांच हाई कोर्ट के आदेश पर हुई थी। याचिकाकर्ता अमित कुमार श्रीवास्तव और शिल्पी केसरी की याचिका पर 29 मई 2023 को कोर्ट ने विजिलेंस जांच का आदेश दिया था। जांच में यह भी सामने आया कि उप सचिव नवल किशोर को फर्जी समायोजन पैनल की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने DIOS को इसकी सूचना नहीं दी। इसके चलते सरकारी धन की क्षति हुई और कई फर्जी नियुक्तियों को वैध दिखाया जा सका।
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