केमिकल से रंगे गए पुराने आलू, FSDA ने लखनऊ मंडी से 46 बोरी जब्त
लखनऊ: नवरात्र के मौके पर पुराने आलू को नया दिखाकर बेचने का खेल पकड़ा गया, FSDA ने कार्रवाई की।
लखनऊ में पुराने आलू को लाल रंग और केमिकल की मदद से नया बना कर बाजार में बेचने का मामला सामने आया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की टीम ने रविवार को दुबग्गा सब्जी मंडी में छापेमारी कर इस गड़बड़ी का खुलासा किया। मौके से 46 बोरी, यानी 2300 किलो आलू जब्त किए गए, जिनकी कुल कीमत लगभग 29,900 रुपये थी।
सहायक आयुक्त (खाद्य) द्वितीय विजय प्रताप सिंह ने बताया कि नवरात्र के अवसर पर शहर में पुराने आलू को नया दिखाने के लिए केमिकल इस्तेमाल किए जाने की सूचना मिली थी। FSDA की टीम ने मंडी में जांच के दौरान रंगे हुए लाल आलू पकड़े। जांच में सामने आया कि ये आलू कृत्रिम रंगों से रंगे हुए थे, जिससे स्वास्थ्य को गंभीर खतरा हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे केमिकल वाले आलू खाने से कैंसर और आंत संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
बाजार में पुराने आलू की कीमत 20 से 25 रुपये प्रति किलो है, जबकि नए आलू का रेट 50 से 55 रुपये प्रति किलो है। FSDA ने बताया कि केमिकल से रंगे गए पुराने आलू को नया दिखाकर इसका मूल्य दोगुना से भी अधिक किया जा रहा था। इस तरह की मनगढ़ंत बिक्री से उपभोक्ताओं को धोखा दिया जा रहा था और उनकी सेहत भी खतरे में पड़ रही थी।
FSDA ने लखनऊ के अन्य क्षेत्रों में भी जांच की। सीतापुर रोड की नवीन गल्ला मंडी में हालात सामान्य पाए गए। वहीं, चिनहट स्थित कोल्ड स्टोरेज में स्टोर आलू सही मिले। इसके अलावा बाराबंकी के कोल्ड स्टोरेज में भी जांच के दौरान रंगे हुए आलू मिले, जिन्हें नमूना जांच के लिए भेजा गया।
साथ ही FSDA ने अन्य खाद्य पदार्थों की भी जांच शुरू की। न्यू शक्ति देशी घी स्टोर, रिलायंस रिटेल, घनश्याम डेयरी, इंडियन दूध डेयरी एंड स्वीट्स, हर्ष जनरल स्टोर और अन्य दुकानों से घी, पनीर, बेसन, आटा और खोवा के नमूने लिए गए। टीम ने शक के आधार पर 29 टिन घी भी सीज किया। FSDA की यह कार्रवाई उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।
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