April 19, 2026

जमीनी विवाद में पेड़ कटवाने और फर्जी मुकदमा दर्ज कराने का आरोप..!

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अमेठी जिले में एक जमीनी विवाद को लेकर स्थानीय पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ग्राम सुबेदारपुरवा, मजरा गंगौली, थाना अमेठी निवासी कमला कान्त मिश्र ने आरोप लगाया है कि उनके और लल्लन मिश्र के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। इसी विवादित जमीन पर आम, कटहल, गुलर और महुआ जैसे कई पेड़ लगे हुए थे, जिन्हें पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत से कटवा दिया गया। इस मामले को लेकर पीड़ित ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की मांग की है।

कमला कान्त मिश्र के अनुसार, जमीन से संबंधित मामला न्यायालय में विचाराधीन था। इसके बावजूद 31 जुलाई 2025 को कोतवाली अमेठी के प्रभारी रवि सिंह, सब इंस्पेक्टर राकेश सिंह और सिपाही श्याम जी की कथित मिलीभगत से विपक्षी पक्ष के कहने पर विवादित जमीन पर खड़े पेड़ों को कटवा दिया गया। पीड़ित का कहना है कि जब उन्होंने इस घटना की जानकारी उच्च अधिकारियों को देनी शुरू की, तो स्थानीय पुलिस द्वारा उन पर दबाव बनाया जाने लगा।

पीड़ित ने आरोप लगाया कि कोतवाली प्रभारी रवि सिंह, एसआई राकेश सिंह और कांस्टेबल श्याम जी के इशारे पर विपक्षी पक्ष की ओर से उनके खिलाफ कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया गया। उनके खिलाफ धारा 109, 115, 191 और 326 जैसी धाराओं में केस दर्ज किया गया, जिसे पीड़ित ने पूरी तरह से झूठा और दबाव बनाने की कोशिश बताया है। उनका कहना है कि पुलिस अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए उन्हें परेशान करने की कोशिश की है।

इस मामले की जानकारी मिलने के बाद भारतीय किसान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रज्जन अवस्थी ने भी इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने कई बार पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हालांकि, संगठन का आरोप है कि अब तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे पीड़ित और किसान संगठन के कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

किसान संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में जल्द ही निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई और दोषी पाए जाने पर संबंधित पुलिस अधिकारियों को निलंबित या बर्खास्त नहीं किया गया, तो आंदोलन तेज किया जाएगा। संगठन ने बताया कि 10 मार्च 2026 को इस मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव भी किया जाएगा, ताकि प्रशासन का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित किया जा सके।

पीड़ित कमला कान्त मिश्र ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच किसी अन्य थाने या स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए, ताकि निष्पक्ष जांच हो सके। साथ ही दोषी पाए जाने पर संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर उन्हें न्याय दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो उन्हें न्याय के लिए बड़े स्तर पर आंदोलन का सहारा लेना पड़ेगा।

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