लखनऊ में रिटायर्ड एयरफोर्स अधिकारी पर फायरिंग का खुलासा, दो सगे भाई गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रिटायर्ड एयरफोर्स अधिकारी पर हुई फायरिंग के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। 30 जनवरी को हुई इस घटना ने शहर में हड़कंप मचा दिया था और कानून-व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो गए थे। रिटायर्ड एयरफोर्स अधिकारी अवधेश पाठक पर जानलेवा हमला किया गया था, जिसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी थी। अब इस केस में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
डीसीपी निपुण अग्रवाल के अनुसार, इस मामले में अमित मिश्रा और उनके भाई दुर्गेश मिश्रा को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके पास से घटना में प्रयुक्त तमंचा और बाइक भी बरामद कर ली है। अधिकारियों ने बताया कि यह हमला पूर्व नियोजित था और आरोपियों ने बदले की भावना से इस वारदात को अंजाम दिया। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में दोनों भाइयों ने पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि नवंबर महीने में आरोपियों की बाइक और रिटायर्ड एयरफोर्स अधिकारी की कार के बीच टक्कर हो गई थी। इस दौरान दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद के दौरान अधिकारी ने आरोपियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और थप्पड़ भी मारा। इसी घटना से आहत होकर दोनों भाइयों ने बदला लेने की ठान ली थी। तभी से वे मौके की तलाश में थे और 30 जनवरी को उन्होंने अपनी योजना को अंजाम दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए लखनऊ पुलिस ने जांच के लिए आठ टीमों का गठन किया था। पुलिस ने 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसके बाद आरोपियों की पहचान संभव हो सकी। तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय इनपुट के आधार पर पुलिस ने आरोपियों को चिन्हित किया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में यह भी सामने आया कि 28 नवंबर को आरोपी लखनऊ आए थे और उसी दौरान उनकी बाइक की टक्कर अफसर की गाड़ी से हुई थी।
डीसीपी ने बताया कि 30 जनवरी को दोनों आरोपी अपनी दुकान देखने के लिए क्षेत्र में आए थे। इसी दौरान उन्हें रिटायर्ड एयरफोर्स अधिकारी की गाड़ी दिखाई दी। पुरानी रंजिश के चलते उन्होंने मौके का फायदा उठाते हुए फायरिंग कर दी। हालांकि अधिकारी इस हमले में बाल-बाल बच गए। पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास और अन्य संभावित एंगल की भी जांच कर रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं का खुलासा हो सके।
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