नवयुग कन्या महाविद्यालय, राजेंद्र नगर, लखनऊ में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद लखनऊ पश्चिम के संयुक्त तत्वावधान में पुरस्कार वितरण समारोह एवं संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय के अहिल्याबाई होलकर सांस्कृतिक क्लब तथा राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के सहयोग से संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में राष्ट्र निर्माण, सामाजिक दायित्व, पर्यावरण चेतना और व्यक्तित्व विकास के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना रहा। आयोजन में महाविद्यालय की छात्राओं, शिक्षिकाओं एवं नगर के गणमान्य व्यक्तियों की उल्लेखनीय सहभागिता देखने को मिली।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, अवध प्रांत के प्रान्त प्रचारक आदरणीय कौशल किशोर जी उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट वक्ता के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के अपर महाधिवक्ता आदरणीय कुलदीप पति त्रिपाठी जी ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. मंजुला उपाध्याय ने की। अपने संबोधन में वक्ताओं ने स्वामी विवेकानंद के विचारों को आज के युवाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक बताया और कहा कि राष्ट्र का भविष्य युवाओं के संस्कार, सोच और दिशा पर निर्भर करता है।
विशिष्ट वक्ता कुलदीप पति त्रिपाठी जी ने कहा कि युवा एक कोमल कली के समान है, जिसे यदि सही दिशा और मार्गदर्शन मिले तो वह समाज और राष्ट्र के लिए सशक्त आधार बन सकता है। उन्होंने पंच परिवर्तन की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसके पाँच तत्व—कुटुम्ब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, स्वदेशी, पर्यावरण संरक्षण तथा नागरिकता एवं व्यक्तित्व निर्माण—को अपनाकर ही एक संतुलित और सशक्त समाज की स्थापना संभव है। उन्होंने यह भी कहा कि आज के समय में जीवन जीने की कला और सामाजिक उत्तरदायित्व को समझना युवाओं के लिए अत्यंत आवश्यक है।
मुख्य वक्ता कौशल किशोर जी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि स्वामी विवेकानंद का यह विश्वास था कि समाज की सभी समस्याओं का समाधान युवा शक्ति के भीतर निहित है। उन्होंने परिवार की महत्ता पर बल देते हुए कहा कि पारिवारिक विघटन का मुख्य कारण संस्कारों की कमी है और परिवार से जुड़े विषयों पर संवाद परिवार के भीतर ही होना चाहिए। सामाजिक समरसता पर बोलते हुए उन्होंने अंगांगी भाव की आवश्यकता पर जोर दिया तथा पर्यावरण संरक्षण के अंतर्गत वृक्षारोपण, जल संरक्षण और प्लास्टिक के उपयोग पर नियंत्रण को अनिवार्य बताया। साथ ही स्वदेशी जीवनशैली और नागरिक अनुशासन को राष्ट्र निर्माण की बुनियाद बताया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं प्राचार्या प्रो. मंजुला उपाध्याय ने कहा कि आज वक्ताओं द्वारा प्रज्वलित विचारों की यह ज्योति आने वाले समय में सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का आधार बनेगी। उन्होंने छात्राओं में चेतना, संवेदनशीलता और सामाजिक दायित्व के विकास को एक सशक्त समाज की नींव बताया तथा शीघ्र ही इस विषय पर एक कार्यशाला आयोजित करने की घोषणा की। कार्यक्रम का संचालन प्रो. सीमा पांडेय द्वारा किया गया। युवा दिवस के अवसर पर आयोजित पोस्टर, स्लोगन एवं भाषण प्रतियोगिताओं की विजेता छात्राओं को सम्मानित किया गया, वहीं नगर खेल कुंभ के अंतर्गत वॉलीबॉल प्रतियोगिता में विजेता रही नवयुग कन्या महाविद्यालय की छात्राओं को भी पुरस्कार प्रदान किए गए। कार्यक्रम का समापन वंदे मातरम् के साथ राष्ट्रभक्ति के वातावरण में हुआ।
Share this content:
