लखनऊ: यूपी में कोडीन कफ सिरप के अवैध कारोबार की जांच तेज, SIT गठित—अब तक 32 गिरफ्तार, मुख्य आरोपी शुभम का होगा प्रत्यर्पण
उत्तर प्रदेश में कोडीन-आधारित कफ सिरप के अवैध व्यापार के बढ़ते नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने पांच जिलों में चल रहे इस अवैध कारोबार की गहराई से जांच के लिए एक उच्चस्तरीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। IG स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में बनी यह SIT न सिर्फ सभी जिलों में जारी कार्रवाई की निगरानी करेगी, बल्कि पूरे नेटवर्क की वित्तीय और आपराधिक गतिविधियों की भी परतें खोलेगी। प्रमुख सचिव (गृह) संजय प्रसाद ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले को ‘बेहद गंभीर’ मानते हुए SIT गठित करने के निर्देश दिए हैं।
SIT में पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ खाद्य एवं औषधि सुरक्षा प्राधिकरण (FDSA) के विशेषज्ञ भी शामिल होंगे। जांच में अवैध भंडारण, थोक बिक्री, परिवहन और फर्जी बिलिंग जैसे पहलुओं की गहन पड़ताल की जाएगी। संजय प्रसाद ने स्पष्ट किया कि राज्य में कोडीन कफ सिरप के सेवन से एक भी मौत दर्ज नहीं हुई है, लेकिन इसकी अवैध सप्लाई और नशे के तौर पर इसके दुरुपयोग को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। SIT सभी गिरफ्तारी, बरामदगी और वित्तीय लेन-देन की नियमित समीक्षा करेगी और सुरागों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि अब तक की जांच में एक बड़े ‘सुपर स्टॉकिस्ट नेटवर्क’ का खुलासा हुआ है, जो राज्य में कोडीन कफ सिरप की अवैध सप्लाई की रीढ़ माने जा रहे थे। इनमें पांच प्रमुख सुपर-स्टॉकिस्ट की पहचान की गई है। वाराणसी के शुभम जायसवाल के पिता भोला जायसवाल, सहारनपुर के विभोर राणा और गाजियाबाद के सौरभ त्यागी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो और आरोपी जांच के घेरे में हैं। मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल देश से बाहर होने की आशंका है, जिसे जल्द ही प्रत्यर्पित कराया जाएगा।
पुलिस ने राज्यभर में की गई छापेमारी में अब तक लगभग 3.5 लाख कफ सिरप की बोतलें बरामद की हैं जिनकी मार्केट वैल्यू लगभग 4.5 करोड़ रुपये बताई गई है। डीजीपी ने कहा कि इस अवैध व्यापार से जुड़े 32 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और कई नए लिंक सामने आ रहे हैं। जांच एजेंसियां अब सप्लाई चेन, बैंकिंग लेन-देन और ड्रग माफिया से संभावित संबंधों की भी पड़ताल कर रही हैं।
सरकार का कहना है कि यह कार्रवाई सिर्फ ड्रग नेटवर्क को खत्म करने के लिए नहीं, बल्कि युवाओं को नशे के जाल से बचाने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। SIT की रिपोर्ट के आधार पर आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।
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