लखनऊ — राजधानी में सुलतानपुर के निवासी एक युवक को शिपिंग कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का शिकार बना लिया गया। पीड़ित अखिलेश सिंह ने लंबे समय से मर्चेंट नेवी में अवसरों की तलाश कर विभिन्न शिपिंग कंपनियों की वेबसाइटों पर अपना सीवी अपलोड किया था। इसी दौरान हरियाणा स्थित नॉर्थ इंडिया मरीन अकैडमी एंड मैनेजमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड की ओर से उसे एक कॉल आया, जिसमें दो युवतियों ने स्वयं को शिल्पा और पूजा बताते हुए दावा किया कि उसका सीवी शॉर्टलिस्ट कर लिया गया है और उसे जल्द ही शिपिंग कंपनी में नौकरी मिल जाएगी। विश्वास पैदा करने के लिए उन्होंने अखिलेश को लिखित परीक्षा और इंटरव्यू की प्रक्रिया से गुजरने की बात कही।
कुछ दिनों बाद पीड़ित को एक लिंक भेजा गया, जिसके माध्यम से उससे एडमिट कार्ड डाउनलोड कराया गया। हैरान करने वाली बात यह थी कि एडमिट कार्ड पर प्रधानमंत्री की तस्वीर लगी हुई थी और उस पर ‘पीएम नेशनल अप्रेंटिसशिप’ का उल्लेख भी दर्ज था। इससे प्रभावित होकर अखिलेश ने निर्धारित तिथि 4 फरवरी 2024 को परीक्षा दी। परीक्षा के बाद शिल्पा और पूजा ने उसे कॉल कर बताया कि वह परीक्षा में सफल हो गया है और उसकी नौकरी पक्की हो चुकी है। इसके बाद पीड़ित को जॉइनिंग लेटर भी भेजा गया, जिसमें मेडिकल जांच के नाम पर 2250 रुपये जमा करने का निर्देश था।
अखिलेश जब कंपनी के बताए पते पर मेडिकल कराने पहुंचा तो वहां उसकी मुलाकात मैनेजर दिनेश नामक व्यक्ति से हुई। दिनेश ने मेडिकल फीस ली और उसे रोशन मरीन मेडिकल सेंटर भेज दिया, जहां कुछ ही मिनटों में उसका मेडिकल परीक्षण कर प्रमाणपत्र थमा दिया गया। मेडिकल प्रक्रिया इतनी सतही थी कि अखिलेश को भी संदेह हुआ, लेकिन नौकरी की आस में वह आगे की प्रक्रिया पूरी करता रहा। इसके बाद उसे हरियाणा स्थित मुख्य कार्यालय बुलाया गया, जहां कंपनी के मालिक सुमित और राहुल ने औपचारिक इंटरव्यू लिया और आश्वासन दिया कि जल्द ही उसे शिप पर भेज दिया जाएगा।
इंटरव्यू के बाद कई महीनों तक युवक को प्रशिक्षण, वीज़ा प्रक्रिया और दस्तावेज़ सत्यापन जैसे बहानों पर उलझाए रखा गया, लेकिन उसे विदेश भेजने की कोई वास्तविक तैयारी नहीं की गई। लगातार टालमटोल और बढ़ते आशंकाओं के बीच अखिलेश को आखिरकार ठगी का एहसास हुआ। जब उसने कंपनी से पैसे वापस मांगने का प्रयास किया, तो न तो कॉल रिसीव किए गए और न ही कार्यालय में कोई स्पष्ट जवाब मिला। मजबूर होकर युवक ने लखनऊ के चिनहट थाने में पूरी घटना की शिकायत दर्ज करवाई, जिसमें लाखों रुपये की ठगी किए जाने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कंपनी और उससे जुड़े लोग फर्जी जॉइनिंग लेटर, मनगढ़ंत परीक्षा प्रक्रिया और सतही मेडिकल जांच के जरिए युवाओं से भारी रकम वसूलते थे। पुलिस अब कंपनी से जुड़े शिल्पा, पूजा, सुमित, राहुल और दिनेश की भूमिका की भी जांच कर रही है। पीड़ित का आरोप है कि यह एक संगठित रैकेट है, जो नौकरी की तलाश में युवाओं को निशाना बनाकर उनसे लाखों रुपये ऐंठता है।
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