लखनऊ में सनातन समिति द्वारा 06 दिसंबर 2025, शनिवार की शाम विनय खंड कम्युनिटी सेंटर के सामने स्थित सनातन पार्क परिसर में भव्य “शौर्य दिवस” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन समिति के महासचिव लक्ष्मण गौड़ से प्राप्त जानकारी के आधार पर आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में सनातन बंधुओं की उपस्थिति ने पूरे परिसर का माहौल उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। कार्यक्रम का आरंभ सायं 5:30 बजे मोमबत्तियाँ जलाकर तथा हिन्दुत्व के जयकारों के साथ हुआ, जिसने पूरे वातावरण में वीरता और सांस्कृतिक चेतना का संचार किया।

कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से मोमबत्तियाँ प्रज्वलित कर शौर्य दिवस के महत्व को पुनर्स्मरण किया। इस दौरान “जय श्री राम” के गगनभेदी नारे गूंजते रहे, जिसने हिन्दुत्व जनजागरण के उद्देश्य को और अधिक बल प्रदान किया। उपस्थित लोगों का कहना था कि यह आयोजन सिर्फ औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि नई ऊर्जा, संगठन शक्ति और सांस्कृतिक जागृति का प्रतीक है। सैकड़ों सनातन बंधुओं ने एकजुट होकर इस कार्यक्रम में भागीदारी निभाई तथा धर्म और राष्ट्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दृढ़ किया।

इस कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि इसमें विभिन्न संगठनों से जुड़े प्रमुख पदाधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता भी सम्मिलित हुए। आरएसएस गोमती नगर के महेश शर्मा, लोक भारती के रामबदन दुबे, हिन्दू जागरण मंच के राजेंद्र मिश्र, आरएसएस के कार्यवाह राजीव जी, जन कल्याण समिति के अकन गुप्ता, प्रमोद मिश्रा, विश्व हिन्दू रक्षा परिषद् के राजेश सोनी, सभासद प्रतिनिधि जगदीश और पूर्व सभासद बोबी गुप्ता जैसे प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने आयोजन को और महत्वपूर्ण बना दिया। इनके साथ-साथ राष्ट्रीय हिंदू संगठन प्रभारी मुकेश दुबे विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे, जबकि प्रवेश वर्मा प्रभारी उत्तर प्रदेश के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी राजकुमार पाठक ने की और संचालन की जिम्मेदारी अनिल वर्मा तथा अमरेन्द्र सहाय ने संभाली। दोनों संचालकों ने पूरे कार्यक्रम को सुसंगठित रूप से आगे बढ़ाया और उपस्थित लोगों को कार्यक्रम के प्रत्येक चरण से जोड़े रखा। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्र, संस्कृति, सनातन परंपरा और समाजिक एकता के महत्व पर वक्ताओं ने विस्तार से अपने विचार रखे, जिससे सभा में उपस्थित युवाओं और नागरिकों को प्रेरणा मिली। वक्ताओं ने हिंदू समाज की एकता, संगठन और जागरण की आवश्यकता को वर्तमान समय की प्रमुख मांग बताते हुए इसके लिए निरंतर प्रयासों की अपील की।

अंत में, शौर्य दिवस कार्यक्रम एक भव्य और अनुशासित सांस्कृतिक आयोजन के रूप में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। आयोजन के माध्यम से न केवल धार्मिक चेतना का संचार हुआ, बल्कि समाजिक एकजुटता और संगठन की शक्ति का भी प्रदर्शन हुआ। उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि आने वाले समय में भी इसी एकता और उत्साह के साथ समाज और राष्ट्रहित के कार्यों में सक्रिय योगदान देते रहेंगे।
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