लखनऊ: जहरीली कफ सिरप का जाल—गाजियाबाद से लखीमपुर तक फैला नशे का कारोबार, योगी सरकार का ‘ऑपरेशन क्लीन’ जारी
कोडीन युक्त प्रतिबंधित सिरप की करोड़ों की खेप जब्त, गाजियाबाद में उजागर हुआ अंतरराज्यीय गिरोह; लखनऊ और लखीमपुर तक पहुंची जांच की कड़ियां
उत्तर प्रदेश में जहरीली और नशे के रूप में इस्तेमाल की जा रही कफ सिरप की तस्करी पर बड़ा खुलासा हुआ है। गाजियाबाद से लेकर लखनऊ और लखीमपुर खीरी तक नशा कारोबारियों के तार फैले होने का पर्दाफाश हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने राज्यभर में प्रतिबंधित कोडीन युक्त सिरप के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान का नाम ‘ऑपरेशन क्लीन’ रखा गया है, जिसके तहत पिछले कुछ दिनों में लाखों रुपये की नशीली दवाएं जब्त की गई हैं और कई तस्कर गिरफ्तार हुए हैं।
पुलिस और FSDA की संयुक्त टीम ने गाजियाबाद में हाल ही में बड़ी सफलता हासिल की, जहां 4 नवंबर को अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया गया। यह गिरोह हिमाचल प्रदेश के पोंटा साहिब और बद्दी से फर्जी लाइसेंस के माध्यम से नशे वाली कफ सिरप मंगाता था और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में इसकी सप्लाई करता था। मछली गोदाम परिसर से 1,57,350 शीशियां यानी करीब 15,735 लीटर एस्कुफ और फेन्सेडिल सिरप जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 3.40 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस कार्रवाई में आठ तस्कर गिरफ्तार हुए हैं, जिनमें गिरोह का सरगना सौरभ त्यागी भी शामिल है।
लखनऊ और लखीमपुर तक पहुंची जांच की कड़ी
जांच एजेंसियों के मुताबिक, गाजियाबाद से जब्त सिरप की आपूर्ति नेटवर्क लखनऊ, हरदोई, सीतापुर और लखीमपुर खीरी तक फैला हुआ था। ये कफ सिरप मेडिकल स्टोरों और थोक विक्रेताओं के जरिए नकली बिलिंग पर बेचे जा रहे थे। सूत्रों का कहना है कि कुछ स्थानीय डिस्ट्रीब्यूटर और फार्मा एजेंट भी इस अवैध कारोबार में शामिल हैं। पुलिस अब इस नेटवर्क के आर्थिक और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है ताकि मुख्य फंडिंग स्रोतों का पता लगाया जा सके।
सरकार की सख्त कार्रवाई और चेतावनी
सीएम योगी आदित्यनाथ ने नशे के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति दोहराते हुए कहा है कि ऐसी आपराधिक गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति या संस्था को बख्शा नहीं जाएगा। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने प्रदेश के सभी जिलों में दवा दुकानों और गोदामों की निगरानी बढ़ा दी है। स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि कोडीन युक्त सिरप की बिक्री केवल वैध डॉक्टर के पर्चे पर ही हो।
युवाओं को नशे से बचाने की मुहिम भी तेज़
प्रशासन ने यह भी माना है कि नशे का यह नेटवर्क युवाओं को सबसे ज्यादा प्रभावित कर रहा है। इसलिए सरकार अब स्कूलों और कॉलेजों में “Say No to Drugs” अभियान के जरिए जागरूकता बढ़ाने की योजना बना रही है। गाजियाबाद की बड़ी कार्रवाई के बाद अब अन्य जिलों में भी छापेमारी तेज कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का लक्ष्य न केवल नशे के कारोबार को खत्म करना है, बल्कि समाज को इस जहर से मुक्त कराना भी है।
उत्तर प्रदेश में फैले इस जहरीले सिरप के जाल ने एक बार फिर दिखा दिया है कि नशा माफिया किस तरह दवाओं की आड़ में युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। लेकिन इस बार सरकार की सख्ती और ‘ऑपरेशन क्लीन’ की रफ्तार यह संकेत दे रही है कि इन गिरोहों का अंत अब दूर नहीं।
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