भारत और ईरान के रिश्तों को लेकर ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत और ईरान के बीच संबंध किसी आधुनिक दौर की देन नहीं हैं, बल्कि इनका इतिहास इस्लाम के उदय से भी सैकड़ों साल पुराना है। अब्दुल मजीद के मुताबिक, ईरान में प्राचीन काल से ही भारत की दार्शनिक पुस्तकों, गणित, खगोल विज्ञान और चिकित्सा विज्ञान से जुड़े ज्ञान का अध्ययन किया जाता रहा है। उन्होंने इसे दोनों सभ्यताओं के गहरे और ऐतिहासिक रिश्तों का प्रमाण बताया।
अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि भारत और ईरान की सभ्यताएं करीब 3,000 साल पुराने संबंधों से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने बताया कि इस्लाम के आने से पहले भी ईरान में भारतीय दर्शन और विज्ञान को विशेष महत्व दिया जाता था। यहां तक कि विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में भारतीय दार्शनिक ग्रंथों का अध्ययन किया गया। उन्होंने कहा कि गणित, खगोल विज्ञान और चिकित्सा के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों ने ईरानी समाज को लंबे समय तक दिशा दी और आज भी उस ज्ञान का प्रभाव देखा जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के लोग हमेशा स्कूलों और शैक्षणिक माध्यमों के जरिए भारत-ईरान संबंधों के बारे में पढ़ते और सीखते रहे हैं। सुप्रीम लीडर अली खामेनेई भी भारत के साथ अच्छे संबंधों और सहयोग को लगातार मजबूत करने पर जोर देते रहे हैं। अब्दुल मजीद ने उम्मीद जताई कि चाबहार परियोजना जैसे साझा प्रयास दोनों देशों के रिश्तों को और नई ऊंचाई देंगे और क्षेत्रीय सहयोग को मजबूती मिलेगी।
ईरान की मौजूदा स्थिति पर बात करते हुए अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने स्वीकार किया कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण देश को आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों की वजह से कुछ लोग नाराज हैं, लेकिन साथ ही कई लोग इस परिस्थिति को एक अवसर के रूप में भी देख रहे हैं और अपने लक्ष्यों को हासिल करने में जुटे हैं। उनके मुताबिक, देश की स्थिति उतनी खराब नहीं है, जितनी सोशल मीडिया और कुछ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दिखाई जाती है।
उन्होंने ईरान की स्थिति को लेकर फैलाए जा रहे दुष्प्रचार पर भी सवाल उठाए। अब्दुल मजीद ने कहा कि मौजूदा हालात को समझने के लिए सच्चाई और कल्पना के बीच फर्क करना जरूरी है। एक तरफ वास्तविक आर्थिक समस्याएं हैं, तो दूसरी तरफ दुश्मनों और कुछ मीडिया प्लेटफॉर्म्स द्वारा फैलाई जा रही अफवाहें हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा हालात नियंत्रण में हैं और देश की स्थिति स्थिर है। उनका कहना था कि ईरान आज भी अपने प्राचीन रिश्तों और ज्ञान पर गर्व करता है और भारत के साथ ऐतिहासिक सहयोग को भविष्य में और मजबूत करना चाहता है।
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