केरल। सबरीमाला अयप्पा मंदिर से 2019 में चोरी हुए सोने का मामला 6 साल बाद सुलझा है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने कर्नाटक के बेल्लारी में एक ज्वेलर से 476 ग्राम सोना बरामद किया है। SIT की कार्रवाई में मुख्य आरोपी उनीकृष्णन पोट्टी के घर से करीब 2 लाख रुपये नकद भी जब्त किए गए।
SIT की टीम ने चोरी के सोने का सुराग बेल्लारी के रॉड्डम ज्वेलरी के मालिक गोवर्धन तक ट्रेस किया। जांच में सामने आया कि पोट्टी ने खुद को सबरीमाला मंदिर का पुजारी बताकर गोवर्धन को सोना बेचा। दोनों की मुलाकात कर्नाटक के श्री रामपुरा अयप्पा मंदिर में हुई, जहां पोट्टी ने धार्मिक रस्में निभाईं और बाद में चोरी का सोना बेच दिया। ज्वेलर गोवर्धन ने कहा कि उन्हें चोरी की जानकारी नहीं थी, वरना वे यह सोना नहीं खरीदते।
पोट्टी को अब चेन्नई के स्मार्ट क्रिएशन कार्यालय ले जाया जाएगा, जहां 2019 में इलेक्ट्रोप्लेटिंग का काम हुआ था। रन्नी की न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पोट्टी को 30 अक्टूबर तक SIT की कस्टडी में सौंपा है। जांचकर्ताओं का लक्ष्य इस अवधि में सभी सबूत इकट्ठे करना है।
जांच में यह भी सामने आया कि पोट्टी ने 2019 में ट्रावनकोर देवस्वोम बोर्ड (TDV) से द्वारपालक मूर्तियों की सोने की चढ़ी हुई प्लेटें इलेक्ट्रोप्लेटिंग के लिए ली थीं, लेकिन बिना अनुमति इन्हें विभिन्न मंदिरों और घरों में ले गया। इस मामले में पोट्टी दो मामलों में मुख्य आरोपी हैं — द्वारपालक प्लेटों से सोना गायब होने और श्रीकोविल दरवाजे के फ्रेम से सोना गायब होने का।
SIT ने हाल ही में पूर्व सबरीमाला प्रशासनिक अधिकारी बी. मुरारी बाबू को भी गिरफ्तार किया है। अधिकारियों का कहना है कि अब पोट्टी और अन्य आरोपियों से सभी साक्ष्य जुटाने के बाद ही चोरी के सोने की पूरी जांच पूरी होगी। यह गिरफ्तारी और बरामदगी मंदिर प्रशासन और श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत लेकर आई है।
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