May 1, 2026

कासगंज जेल से इलाज के लिए लाए गए साइबर अपराधी ने अस्पताल में हथकड़ी खोलकर फरार हो गया

कासगंज जेल में बंद एक साइबर अपराधी को इलाज के लिए आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज ले जाया गया था, जहां उसने हथकड़ी से हाथ निकालकर भागने में कामयाबी हासिल कर ली। आरोपी की देखरेख में तैनात बंदी रक्षक रात में गहरी नींद में सो गए, जिससे उसे भागने का मौका मिला। बंदी रक्षकों को यह तब पता चला जब वे लगभग एक घंटे बाद जागे।

 

यह मामला शुक्रवार रात का है, जब 22 वर्षीय संकेत यादव को कासगंज जेल से मेडिकल कॉलेज लाया गया था। संकेत के पेट में दर्द और उल्टी की शिकायत थी, जिसके कारण उसे भर्ती किया गया था। रात लगभग दो बजे उसने हथकड़ी खोलकर भागने की कोशिश की, लेकिन उसे पकड़ने में असफल रहे। पुलिस ने आसपास उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला।

 

संकेत यादव मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले का निवासी है और वह साइबर क्राइम के गंभीर मामलों में जेल में बंद था। उस पर कई जिलों में साइबर ठगी के आरोप हैं। खासतौर पर उसने आईपीएस अर्पणा कौशिक की आवाज की नकल कर आगरा के एक कारोबारी से ठगी करने की कोशिश की थी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया था।

 

कासगंज जेल प्रशासन ने इस घटना के बाद बंदी रक्षक अजीत पांडे और जयंत कुमार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने संकेत यादव को पकड़ने के लिए जबलपुर पुलिस टीम को भी सूचना दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे क्षेत्र में उसकी तलाश जारी है।

 

डिप्टी जेलर रामदास यादव ने बताया कि संकेत यादव साइबर ठग है और उसे जेल में सख्ती से रखा जाता था। जेल से बाहर इलाज के दौरान उसकी सुरक्षा कमज़ोर साबित हुई, जिससे वह फरार हो गया। अब पुलिस उसकी जल्द गिरफ्तारी के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

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