कनाडा में भारतीयों की बढ़ती मौतें: 5 साल में 1,203 भारतीयों ने गंवाई जान, कई केस अप्राकृतिक मौतों के
पिछले कुछ वर्षों में कनाडा में रह रहे भारतीयों के लिए स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। विदेश मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2020 से 2024 के बीच कुल 1,203 भारतीय नागरिकों की मौत कनाडा में हुई है। इनमें से कई मौतें प्राकृतिक कारणों से हुईं, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि बड़ी संख्या में मौतें एक्सीडेंट, मर्डर, आत्महत्या और अन्य अप्राकृतिक परिस्थितियों में हुई हैं।
इन 1,203 मौतों में से केवल 757 मामलों में ही शवों या अस्थियों को भारत वापस लाया जा सका। विदेश मंत्रालय और कनाडा स्थित भारतीय दूतावास द्वारा यह प्रक्रिया पूरी की गई, जो कि कई बार कानूनी और आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण होती है। बाक़ी मामलों में अंतिम संस्कार कनाडा में ही कराया गया, परिजनों की सहमति से या परिस्थितियों के अनुसार।
मौतों का आंकड़ा हर साल बढ़ा है। 2020 में 120 भारतीयों की मौत हुई, जो 2021 में बढ़कर 160 हो गई। इसके बाद 2022 में 198, 2023 में 336 और फिर 2024 में यह आंकड़ा 389 तक पहुंच गया। यह साफ़ तौर पर इशारा करता है कि प्रवासी भारतीयों के लिए कनाडा अब केवल सुनहरा सपना नहीं रहा, बल्कि इसके पीछे कई सामाजिक, मानसिक और सुरक्षा संबंधी चुनौतियां भी छिपी हुई हैं।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए एक निर्धारित एसओपी (Standard Operating Procedure) है, जिसमें पार्थिव शरीर को भारत लाने, अंतिम संस्कार की प्रक्रिया, बीमा सहायता और अन्य ज़रूरी मदद शामिल होती है। कनाडा में भारतीय मिशन और स्थानीय कम्युनिटी भी इस कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
हाल ही में अप्राकृतिक मौतों की बढ़ती संख्या ने प्रवासी भारतीय समुदाय में चिंता की लहर पैदा कर दी है। खासकर स्टूडेंट्स और युवाओं के बीच में मानसिक स्वास्थ्य, आर्थिक तनाव और अकेलेपन जैसे मुद्दे गंभीर रूप ले रहे हैं। ऐसे में यह ज़रूरी हो गया है कि सरकारें सिर्फ आपात स्थितियों में नहीं, बल्कि पहले से तैयार योजनाओं और सुरक्षा उपायों के ज़रिए प्रवासी भारतीयों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराएं।
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