जस्टिस वर्मा कैश कांड में बड़ा खुलासा! दिल्ली फायर सर्विस चीफ से 6 घंटे पूछताछ
दिल्ली के चर्चित जस्टिस वर्मा कैश कांड में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने अपनी जांच तेज कर दी है। इस मामले में दिल्ली फायर सर्विस के चीफ अतुल गर्ग ने हरियाणा गेस्ट हाउस में अपना बयान दर्ज करा दिया है। सूत्रों के मुताबिक, कमेटी ने लगभग 6 घंटे तक उनसे गहन पूछताछ की और फिर उनके बयान को रिकॉर्ड किया।
हालांकि, अतुल गर्ग ने कथित रूप से जस्टिस वर्मा के घर से कैश मिलने की खबरों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि दमकल विभाग की टीम आग बुझाने के लिए वहां पहुंची थी, लेकिन किसी तरह के नकदी मिलने की कोई पुष्टि नहीं हुई।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या आज जस्टिस वर्मा से भी पूछताछ होगी? सूत्रों के अनुसार, कमेटी की सदस्य जस्टिस अनु शिवरामन हरियाणा गेस्ट हाउस पहुंच चुकी हैं, और संभावना जताई जा रही है कि आज जस्टिस वर्मा से भी बयान लिया जा सकता है।
कैश कांड की जांच में सुप्रीम कोर्ट की सख्ती
इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी में—
- जस्टिस शील नागू
- जस्टिस संधावालिया
- जस्टिस अनु शिवरामन शामिल हैं।
कमेटी ने जांच तेज कर दी है और अब मुख्य गवाहों व संदिग्धों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। इस मामले की गूंज सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई है, और पूरे न्यायिक सिस्टम पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सीजेआई से मिले हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के नेता, ट्रांसफर पर सवाल
इस बीच, इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन समेत देश के छह हाई कोर्ट बार एसोसिएशनों के नेताओं ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) संजीव खन्ना से मुलाकात की।
बार एसोसिएशन ने मांग की कि जस्टिस वर्मा को इलाहाबाद हाई कोर्ट ट्रांसफर करने की सिफारिश वापस ली जाए। इस बैठक के बाद, इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल तिवारी ने कहा कि सीजेआई ने उनकी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया है।
हालांकि, सूत्रों का कहना है कि चीफ जस्टिस ने इस संबंध में कोई ठोस वादा नहीं किया।
क्या है 14 मार्च की रहस्यमयी घटना?
इस पूरे विवाद की शुरुआत 14 मार्च की रात को हुई थी।
- होली की रात करीब 11:35 बजे जस्टिस वर्मा के घर अचानक आग लग गई।
- घटना के समय जस्टिस वर्मा घर पर मौजूद नहीं थे।
- फायर ब्रिगेड को किसी ने सूचना दी, जिसके बाद दमकल की टीम मौके पर पहुंची।
- आग बुझाने के दौरान वहां जले हुए नोट पाए गए, जिससे विवाद खड़ा हो गया।
कैश मिलने की खबरों के बाद यह मामला बड़ा राजनीतिक और न्यायिक मुद्दा बन गया। क्या यह कोई दुर्घटना थी या साजिश? क्या यह मामला सिर्फ आग तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ा घोटाला छिपा है?
अब आगे क्या?
सुप्रीम कोर्ट की जांच कमेटी जल्द ही जस्टिस वर्मा से पूछताछ कर सकती है।
इस बीच, सबसे बड़ा सवाल यह है कि—
- क्या वाकई जस्टिस वर्मा के घर से कैश मिला था?
- अगर हां, तो वह पैसा कहां से आया और किसका था?
- अगर नहीं, तो आखिर यह विवाद क्यों खड़ा हुआ?
अब सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट की जांच पर हैं। क्या इस रहस्यमयी केस का सच जल्द सामने आएगा?
Share this content:
