अमेरिका के ऑटो टैरिफ पर भड़के कनाडाई पीएम! बोले— “अब घनिष्ठ संबंधों का युग खत्म”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि 2 अप्रैल से अमेरिका में आयातित ऑटोमोबाइल पर 25% टैरिफ लगाया जाएगा। उनके इस फैसले के बाद दुनियाभर के ऑटो सेक्टर में हड़कंप मच गया है, खासकर अमेरिका के पड़ोसी और व्यापारिक साझेदार कनाडा में।
ट्रंप के ऐलान के बाद कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिका पर तीखा हमला बोला और कहा कि कनाडा इस फैसले के खिलाफ चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि अमेरिका और कनाडा के बीच घनिष्ठ संबंधों का युग अब समाप्त हो चुका है।
कार्नी का बड़ा बयान— “अब हम अपने भविष्य के खुद निर्माता हैं!”
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने ट्रंप के इस फैसले को अनुचित करार दिया और अमेरिका पर सीधा हमला बोलते हुए कहा—
“अमेरिका के साथ हमारा पुराना रिश्ता, जो हमारी मजबूत आर्थिक व्यवस्था, सुरक्षा और सैन्य सहयोग पर आधारित था, अब समाप्त हो गया है। हमें अपने भविष्य का निर्माण खुद करना होगा और एक ऐसी प्रणाली तैयार करनी होगी जो न्यायसंगत और टिकाऊ हो।”
कार्नी ने साफ किया कि कनाडा इस फैसले का कड़ा जवाब देगा और अमेरिकी टैरिफ नीति के खिलाफ ठोस कदम उठाएगा। उन्होंने कहा कि अब पीछे मुड़ने का कोई रास्ता नहीं है और अमेरिका ने जो बदलाव शुरू किया है, उसने दोनों देशों के संबंधों को स्थायी रूप से प्रभावित किया है।
अमेरिका के खिलाफ जवाबी रणनीति बनाने में जुटी कनाडाई सरकार
ट्रंप के ऐलान के बाद कनाडा में हलचल तेज हो गई। कनाडा के 28 अप्रैल के आम चुनावों से पहले ही पीएम कार्नी ने अपना चुनावी अभियान रोक दिया और कैबिनेट की आपात बैठक के लिए ओटावा लौट आए। इस बैठक में अमेरिका के खिलाफ जवाबी कदमों पर चर्चा की जा रही है।
एक चौंकाने वाली बात यह भी है कि मार्क कार्नी ने पदभार ग्रहण करने के बाद से अब तक ट्रंप से सीधे तौर पर बात नहीं की। हालांकि, एएफपी न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक व्हाइट हाउस ने अब एक कॉल शेड्यूल करने के लिए संपर्क किया है, और अगले एक-दो दिन में ट्रंप और कार्नी के बीच बातचीत हो सकती है।
“कनाडा झुकेगा नहीं!”— कार्नी की दो टूक चेतावनी
यह पहली बार नहीं है जब कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिका को खुली चुनौती दी है। इससे पहले भी उन्होंने ट्रंप प्रशासन को लेकर कड़े बयान दिए थे।
उन्होंने कहा—
“अमेरिका, कनाडा नहीं है और कनाडा कभी भी अमेरिका का हिस्सा नहीं होगा। हमने यह लड़ाई नहीं मांगी, लेकिन जब कोई ग्लव्स उतारता है, तो कनाडाई हमेशा तैयार रहते हैं।”
उन्होंने आगे कहा—
“देश का सम्मान समझौते से नहीं, संकल्प से बचता है। चाहे वह हमारी अर्थव्यवस्था हो या संप्रभुता, आत्मसमर्पण कोई विकल्प नहीं है। इसका मतलब साफ है— चाहे व्यापार हो या ताकत, कनाडा कभी झुकेगा नहीं!”
ट्रंप के फैसले से दुनियाभर में हलचल, ऑटो सेक्टर में अनिश्चितता
डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में दिए गए अपने भाषण में कहा कि अब अमेरिका में बाहर से आने वाली कारों पर 25% टैरिफ लगाया जाएगा। उन्होंने इसे “अमेरिकी उद्योग और नौकरियों की रक्षा के लिए उठाया गया कदम” बताया।
हालांकि, इस फैसले ने दुनियाभर के ऑटो सेक्टर में उथल-पुथल मचा दी है। जापान, यूरोप, मैक्सिको और कनाडा जैसे प्रमुख ऑटो निर्यातक देशों पर इसका सीधा असर पड़ेगा। खासकर कनाडा, जो अमेरिका को बड़ी मात्रा में कारें निर्यात करता है, इस फैसले से सबसे ज्यादा प्रभावित होगा।
क्या कनाडा और अमेरिका के बीच व्यापार युद्ध छिड़ने वाला है?
ट्रंप के इस फैसले के बाद कई विशेषज्ञों का मानना है कि कनाडा और अमेरिका के बीच नया व्यापार युद्ध छिड़ सकता है।
मार्क कार्नी का सख्त बयान इस बात का संकेत देता है कि कनाडा जल्द ही कड़े कदम उठाएगा। ऐसे में सवाल उठता है—
क्या कनाडा अमेरिकी उत्पादों पर जवाबी टैरिफ लगाएगा?
क्या दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते पर संकट गहराएगा?
क्या यह फैसला अमेरिकी ऑटो सेक्टर को नुकसान पहुंचाएगा?
फिलहाल, ट्रंप और कार्नी की संभावित बातचीत पर सभी की नजरें टिकी हैं। अगर यह विवाद गहराता है, तो यह ना सिर्फ उत्तर अमेरिकी व्यापारिक संबंधों को बल्कि
वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित कर सकता है।
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