राजस्थान के जोधपुर में कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की रहस्यमयी मौत का मामला लगातार पेचीदा होता जा रहा है। पोस्टमार्टम के बाद भी मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है, जिसके चलते पुलिस ने अब मामले की जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम यानी SIT को सौंप दी है। जोधपुर पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश के आदेश पर गठित 9 सदस्यीय SIT का नेतृत्व ACP छवि शर्मा कर रही हैं। साध्वी का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में समाधि के रूप में किया जा चुका है, लेकिन मौत को लेकर उठ रहे सवाल अब भी जस के तस बने हुए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साध्वी के शरीर पर किसी तरह की बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए हैं। इसके अलावा शरीर में जहर की मौजूदगी की भी पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, पोस्टमार्टम से मौत का ठोस कारण सामने न आने के कारण पुलिस ने विसरा सुरक्षित कर जयपुर स्थित फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेज दिया है। अब पुलिस और परिजन दोनों ही विसरा रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, जिससे यह साफ हो सके कि साध्वी की मौत स्वाभाविक थी या इसके पीछे कोई साजिश छिपी हुई है।
SIT गठन के बाद जांच का दायरा और व्यापक कर दिया गया है। टीम में बोरानाडा थाने के प्रभारी, साइबर एक्सपर्ट और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल किए गए हैं। पुलिस तकनीकी सबूतों की गहनता से जांच कर रही है, जिसमें साध्वी के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप चैट, आश्रम में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य डिजिटल इनपुट शामिल हैं। पुलिस का प्रयास है कि साध्वी की मौत से पहले के आखिरी घंटों की पूरी टाइमलाइन तैयार की जा सके।
जांच का एक अहम पहलू उस इंजेक्शन को लेकर भी है, जो कथित तौर पर साध्वी को मौत से कुछ समय पहले दिया गया था। इस मामले में कंपाउंडर देवी सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि इंजेक्शन क्यों लगाया गया, किस दवा का इस्तेमाल हुआ और क्या वह इंजेक्शन साध्वी की मौत से किसी तरह जुड़ा हो सकता है। मेडिकल एक्सपर्ट्स की राय लेने की भी तैयारी की जा रही है।
आने वाले दिनों में SIT साध्वी के पिता विरमनाथ, जोधपुर के पाल रोड स्थित साधना कुटीर आश्रम से जुड़े लोगों और अन्य करीबी व्यक्तियों से भी पूछताछ करेगी। फिलहाल पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है और विसरा रिपोर्ट को इस पूरे मामले की सबसे अहम कड़ी माना जा रहा है। अब यही रिपोर्ट तय करेगी कि साध्वी प्रेम बाईसा की मौत एक प्राकृतिक घटना थी या फिर इसके पीछे कोई गहरी और सुनियोजित साजिश छिपी हुई है।
राजस्थान के जोधपुर में कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की रहस्यमयी मौत का मामला लगातार पेचीदा होता जा रहा है। पोस्टमार्टम के बाद भी मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है, जिसके चलते पुलिस ने अब मामले की जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम यानी SIT को सौंप दी है। जोधपुर पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश के आदेश पर गठित 9 सदस्यीय SIT का नेतृत्व ACP छवि शर्मा कर रही हैं। साध्वी का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में समाधि के रूप में किया जा चुका है, लेकिन मौत को लेकर उठ रहे सवाल अब भी जस के तस बने हुए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साध्वी के शरीर पर किसी तरह की बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए हैं। इसके अलावा शरीर में जहर की मौजूदगी की भी पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, पोस्टमार्टम से मौत का ठोस कारण सामने न आने के कारण पुलिस ने विसरा सुरक्षित कर जयपुर स्थित फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेज दिया है। अब पुलिस और परिजन दोनों ही विसरा रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, जिससे यह साफ हो सके कि साध्वी की मौत स्वाभाविक थी या इसके पीछे कोई साजिश छिपी हुई है।
SIT गठन के बाद जांच का दायरा और व्यापक कर दिया गया है। टीम में बोरानाडा थाने के प्रभारी, साइबर एक्सपर्ट और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल किए गए हैं। पुलिस तकनीकी सबूतों की गहनता से जांच कर रही है, जिसमें साध्वी के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप चैट, आश्रम में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य डिजिटल इनपुट शामिल हैं। पुलिस का प्रयास है कि साध्वी की मौत से पहले के आखिरी घंटों की पूरी टाइमलाइन तैयार की जा सके।
जांच का एक अहम पहलू उस इंजेक्शन को लेकर भी है, जो कथित तौर पर साध्वी को मौत से कुछ समय पहले दिया गया था। इस मामले में कंपाउंडर देवी सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि इंजेक्शन क्यों लगाया गया, किस दवा का इस्तेमाल हुआ और क्या वह इंजेक्शन साध्वी की मौत से किसी तरह जुड़ा हो सकता है। मेडिकल एक्सपर्ट्स की राय लेने की भी तैयारी की जा रही है।
आने वाले दिनों में SIT साध्वी के पिता विरमनाथ, जोधपुर के पाल रोड स्थित साधना कुटीर आश्रम से जुड़े लोगों और अन्य करीबी व्यक्तियों से भी पूछताछ करेगी। फिलहाल पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है और विसरा रिपोर्ट को इस पूरे मामले की सबसे अहम कड़ी माना जा रहा है। अब यही रिपोर्ट तय करेगी कि साध्वी प्रेम बाईसा की मौत एक प्राकृतिक घटना थी या फिर इसके पीछे कोई गहरी और सुनियोजित साजिश छिपी हुई है।
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