झारखंड की झरिया में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने एक महत्वपूर्ण चुनावी घोषणा की है, जो राज्य में महिला मतदाताओं को लुभाने के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है। शाह ने कहा कि अगर झारखंड में बीजेपी की सरकार बनती है तो महिलाओं को एक रुपये में जमीन रजिस्ट्री की सुविधा दी जाएगी। इस घोषणा को राज्य में महिलाओं के लिए बीजेपी का बड़ा दांव देखा जा रहा है, खासकर जब चुनावी माहौल में महिला वोटरों का महत्व बढ़ा हुआ है।
महिला मतदाताओं को आकर्षित करने की बीजेपी की रणनीति
इस बार झारखंड विधानसभा चुनाव में महिलाएं चुनावी केंद्र बन गई हैं। राज्य की मौजूदा हेमंत सोरेन सरकार जहां महिलाओं के लिए ‘मंईयां सम्मान योजना’ जैसी योजनाओं से उनका समर्थन हासिल करने की कोशिश कर रही है, वहीं बीजेपी महिलाओं को अपने पाले में लाने के लिए ‘गोगो दीदी’ और अब ‘एक रुपये में जमीन रजिस्ट्री’ जैसी योजनाओं का वादा कर रही है। अमित शाह की यह घोषणा बीजेपी की रणनीति का हिस्सा है, जिसमें वे महिला मतदाताओं को अपनी तरफ खींचने की कोशिश कर रहे हैं।
अमित शाह ने झरिया में अपने भाषण के दौरान कहा, “हम जो वादा करते हैं, उसे हम हमेशा पूरा करते हैं। मोदी की गारंटी पत्थर की लकीर की तरह होती है।” उनका इशारा उन घोषणाओं की तरफ था, जिन्हें बीजेपी सरकार पहले भी पूरा कर चुकी है, और इस बार भी बीजेपी यही भरोसा दिलाने की कोशिश कर रही है कि वे जो कहते हैं, वो करते हैं।
कांग्रेस और हेमंत सोरेन सरकार पर हमलावर अमित शाह
अमित शाह ने अपने संबोधन में झारखंड की मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार से ज्यादा कांग्रेस पार्टी पर हमला बोला। शाह ने कहा, “कांग्रेस केवल चुनाव से पहले खटाखट, खटाखट की बात करती है, लेकिन चुनाव के बाद वह सब भूल जाती है।” इसके बाद उन्होंने कांग्रेस को विभिन्न मोर्चों पर निशाने पर लिया, जिसमें धारा-370, राम मंदिर और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। शाह ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों के लिए आरक्षण को समाप्त करना चाहती है, और उनकी जगह इसे मुसलमानों को देने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा, “कांग्रेस की कोशिशों के बावजूद हम यह सुनिश्चित करेंगे कि इन समुदायों को मिलने वाला आरक्षण बरकरार रहे।” यह बयान राज्य में खासा अहम है क्योंकि झारखंड की आदिवासी और पिछड़ी जातियों की बड़ी आबादी है, और बीजेपी का यह बयान इन समुदायों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए दिया गया है।
शाह ने किया भ्रष्टाचार पर भी हमला
अमित शाह ने झारखंड सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “झारखंड में मनरेगा से लेकर कई बड़े घोटाले हुए हैं। गठबंधन नेताओं के पास पैसे पकड़े गए हैं। आप सबने ये सुना है, और यह किसी से छिपा नहीं है।” उनका यह बयान राज्य में हो रहे कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ बीजेपी के आक्रामक रुख को दर्शाता है।
शाह ने दावा किया कि बीजेपी की सरकार आने के बाद इस ‘लूट के पैसे’ को राज्य की तिजोरी में जमा कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “हम एक कानून बनाएंगे, जिसके तहत यह पैसा राज्य की तिजोरी में जमा होगा, जिससे झारखंड का विकास हो सकेगा।” यह बयान बीजेपी की चुनावी रणनीति को साफ दर्शाता है, जिसमें वे राज्य की अव्यवस्थित वित्तीय स्थिति को लेकर हेमंत सोरेन सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं।
झरिया विधानसभा सीट पर संघर्ष
झरिया विधानसभा सीट पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला है। इस सीट पर बीजेपी की ओर से रागिनी सिंह और कांग्रेस की ओर से पूर्णिमा नीरज सिंह मैदान में हैं। पिछली बार पूर्णिमा नीरज सिंह ने इस सीट पर बड़ी जीत हासिल की थी, और अब बीजेपी इस सीट पर जीत दर्ज करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
अमित शाह ने अपने भाषण में झरिया के मुद्दे को भी उठाया और लोगों से अपील की कि वे बीजेपी को भारी मतों से जिताएं, ताकि राज्य में विकास की नई राह खुले।
बीजेपी का महिला और भ्रष्टाचार पर फोकस
अमित शाह का यह भाषण और घोषणाएं बीजेपी की चुनावी रणनीति का हिस्सा हैं, जिसमें महिला मतदाताओं को लुभाने और राज्य में भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाने पर खास ध्यान दिया गया है। बीजेपी ने झारखंड में महिलाओं को अपने पाले में लाने के लिए ‘एक रुपये में जमीन रजिस्ट्री’ जैसी योजनाओं का वादा किया है, जबकि कांग्रेस और हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला करते हुए बीजेपी ने भ्रष्टाचार और आरक्षण के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है।
अब देखना यह होगा कि इस रैली के बाद बीजेपी की चुनावी दावों का कितना असर झारखंड के मतदाताओं पर पड़ता है, खासकर महिला वोटरों के बीच, और क्या बीजेपी को इस बार झरिया में जीत हासिल हो पाती है या नहीं।
Share this content: