अमरनाथ यात्रा 2025: अब भी मिल रहा है पंजीकरण का मौका!
श्री अमरनाथ यात्रा 2025 की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है, लेकिन जो श्रद्धालु अभी तक पंजीकरण नहीं करवा पाए हैं, उनके लिए राहत की खबर है। जम्मू प्रशासन ने ‘तत्काल रजिस्ट्रेशन व्यवस्था’ की शुरुआत कर दी है। यह विशेष प्रक्रिया 30 जून से शुरू हुई, जिसमें पहले दिन ही हजारों श्रद्धालु रजिस्ट्रेशन सेंटर पहुंचे। इस साल यात्रा 3 जुलाई से शुरू हो रही है और भक्त बालटाल या पहलगाम—दोनों रास्तों से पवित्र गुफा तक जा सकेंगे।
इस वर्ष अमरनाथ यात्रा के लिए ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा विशेष रूप से उन लोगों के लिए शुरू की गई है जो किसी कारणवश ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाए थे। जम्मू दक्षिण के एसडीएम मनु हंसा ने जानकारी दी कि सरस्वती धाम इकलौता ऐसा टोकन सेंटर है, जहां से बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों के लिए टोकन जारी किए जा रहे हैं।
यात्रा की शुरुआत से पहले ही 2 जुलाई को पहला जत्था रवाना किया जाएगा। रजिस्ट्रेशन ‘पहले आओ, पहले पाओ’ आधार पर किया जा रहा है और इसके लिए जम्मू शहर में कई तत्काल रजिस्ट्रेशन काउंटर लगाए गए हैं।
कहां-कहां हैं रजिस्ट्रेशन सेंटर?
सरस्वती धाम, रेलवे स्टेशन, जम्मू: दोनों मार्गों के टोकन यहीं मिलते हैं। टोकन लेने के लिए मेडिकल चेकअप अनिवार्य है।
वैष्णवी धाम, जम्मू: आम श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख रजिस्ट्रेशन केंद्र।
पंचायत भवन महाजन, जम्मू: सामान्य रजिस्ट्रेशन के लिए केंद्र।
ई-केवाईसी सेंटर, रेलवे स्टेशन और भगवती नगर बेस कैंप: यह स्थान विशेष रूप से साधु-संतों के लिए आरक्षित हैं।
देशभर की 533 बैंक शाखाएं: पंजाब नेशनल बैंक की 309, एसबीआई की 99, जेके बैंक की 91 और यस बैंक की 34 शाखाएं शामिल हैं।
रजिस्ट्रेशन के लिए किन दस्तावेज़ों की ज़रूरत?
श्रद्धालुओं को रजिस्ट्रेशन के समय ये दस्तावेज़ साथ लाने होंगे:
आधार कार्ड
पासपोर्ट साइज फोटो (4)
मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट (SASB से अधिकृत डॉक्टर द्वारा)
पहचान पत्र (जैसे वोटर आईडी या पैन कार्ड)
ट्रैवल एप्लिकेशन फॉर्म
RFID कार्ड
ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन शुल्क भारतीय नागरिकों के लिए 120 रुपये प्रति व्यक्ति तय किया गया है, जबकि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए यह 220 रुपये है।
पहलगाम हमले से नहीं डरे श्रद्धालु
हालिया पहलगाम आतंकी हमले के बाद भी श्रद्धालुओं में यात्रा को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। टोकन सेंटर पहुंचे एक भक्त ने कहा, “व्यवस्थाएं बेहतरीन हैं, कोई डर नहीं है। हम पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ यात्रा पर निकले हैं।” एक अन्य ने कहा, “आतंकवादी जो करना चाहें कर लें, हम डरने वाले नहीं। जम्मू-कश्मीर आकर यात्रा करें ताकि ये संदेश जाए कि हम किसी भी हिंसा से डरे नहीं हैं।”
सुरक्षा का कड़ा बंदोबस्त
अमरनाथ यात्रा को लेकर सीआरपीएफ ने एक सख्त और बहुस्तरीय सुरक्षा योजना तैयार की है। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-44) पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। हजारों श्रद्धालुओं द्वारा उपयोग किए जाने वाले इस मार्ग पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
सीआरपीएफ ने K-9 (डॉग स्क्वॉड) के साथ साथ राजमार्ग गश्त को मजबूत किया है, विशेषकर उधमपुर सेक्टर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में।
इस तरह प्रशासन और सुरक्षा बलों की चाक-चौबंद व्यवस्था के बीच श्रद्धालु निडर होकर पवित्र अमरनाथ यात्रा पर निकलने को तैयार हैं। यदि आपने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है, तो आज भी आपके पास मौका है—जम्मू में तत्काल व्यवस्था आपका इंतज़ार कर रही है।
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