ईरान में चल रहे व्यापक सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है। इसी कड़ी में ब्रिटेन के वरिष्ठ सांसद और पूर्व सुरक्षा मंत्री टॉम टुगेनहाट के एक दावे ने नई बहस छेड़ दी है। उनका कहना है कि ईरान से बड़ी मात्रा में सोना देश के बाहर भेजा जा रहा है, जो किसी बड़े राजनीतिक बदलाव या तख्तापलट से पहले की तैयारी का संकेत हो सकता है। इन दावों ने पश्चिमी देशों और मध्य पूर्व की राजनीति पर नजर रखने वालों की चिंता बढ़ा दी है।
ब्रिटिश संसद में दिए बयान में टॉम टुगेनहाट ने कुछ खुफिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि हाल के दिनों में रूसी कार्गो विमान लगातार तेहरान में उतर रहे हैं। इन विमानों के जरिए हथियार और गोला-बारूद पहुंचाए जाने की आशंका जताई जा रही है। साथ ही यह भी कहा गया है कि इसी दौरान ईरान से भारी मात्रा में सोना बाहर भेजा जा रहा है। उनके अनुसार, यह गतिविधियां इस बात की ओर इशारा करती हैं कि ईरानी सत्ता प्रतिष्ठान संभावित सत्ता परिवर्तन के बाद की स्थिति के लिए खुद को सुरक्षित करने की कोशिश कर रहा है।
ईरान के भीतर हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। देश के कई शहरों में सरकार विरोधी प्रदर्शन और तेज हो गए हैं, जिन्हें कुछ विश्लेषक राष्ट्रीय विद्रोह का रूप मान रहे हैं। इसी महीने ब्रिटिश अखबार में छपी एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि यदि हालात और खराब होते हैं तो ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई रूस की राजधानी मॉस्को में शरण लेने की योजना बना सकते हैं। इस रिपोर्ट के बाद अंतरराष्ट्रीय मीडिया में ईरान की राजनीतिक स्थिरता को लेकर सवाल और गहरे हो गए हैं।
इस बीच ईरान के पूर्व शाही परिवार से जुड़े प्रिंस रजा पहलवी भी सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने ईरानी जनता से खुली अपील करते हुए तय तारीखों पर सामूहिक रूप से नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन करने को कहा है। इसे मौजूदा सरकार के खिलाफ दबाव बढ़ाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। विपक्षी खेमे की यह सक्रियता ईरान की आंतरिक राजनीति को और अस्थिर बना रही है।
अमेरिका की तरफ से भी ईरान को लेकर सख्त रुख सामने आया है। अमेरिकी नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा जारी रही तो कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की सैन्य गतिविधियां बढ़ी हैं, जिन्हें ईरान की मौजूदा स्थिति से जोड़कर देखा जा रहा है। इन तमाम घटनाक्रमों के बीच ईरान से सोना बाहर भेजे जाने के दावे को संभावित सत्ता परिवर्तन की बड़ी आहट के रूप में देखा जा रहा है।
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