ईरान पर हमले के बाद इजराइल में भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी, हर समय सतर्क रहने की सलाह
संयुक्त राज्य अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के कई शहरों पर हमले के बाद क्षेत्र में सुरक्षा हालात को लेकर तनाव बढ़ गया है। इस घटनाक्रम के बीच भारत ने इजराइल में रह रहे अपने नागरिकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। भारत सरकार ने वहां मौजूद भारतीयों से अपील की है कि वे मौजूदा हालात को देखते हुए अत्यधिक सतर्क रहें और स्थानीय प्रशासन तथा सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें। इस हमले के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान की राजधानी तेहरान समेत करीब 30 शहरों को निशाना बनाया है। इस सैन्य कार्रवाई के बाद संभावित जवाबी कार्रवाई और बढ़ते तनाव को देखते हुए भारतीय दूतावास ने तुरंत अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं। एडवाइजरी में कहा गया है कि भारतीय नागरिक इजराइली अधिकारियों और होम फ्रंट कमांड द्वारा जारी सुरक्षा गाइडलाइंस का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार रहें।
भारतीय दूतावास तेल अवीव की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि सभी भारतीय नागरिक अत्यधिक सावधानी बरतें और हर समय चौकन्ने रहें। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे अपने घर या कार्यस्थल के आसपास मौजूद सुरक्षित शेल्टर की जानकारी रखें और जरूरत पड़ने पर तुरंत वहां पहुंच सकें। साथ ही, अगली सूचना तक इजराइल के भीतर सभी गैर-जरूरी यात्राओं से बचने की भी सख्त हिदायत दी गई है, ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से बचा जा सके।
एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि भारतीय नागरिक स्थानीय समाचार, आधिकारिक घोषणाओं और इमरजेंसी अलर्ट पर नियमित रूप से नजर बनाए रखें। किसी भी आपात स्थिति में भारतीय नागरिकों को 24 घंटे उपलब्ध हेल्पलाइन के जरिए भारतीय दूतावास से संपर्क करने की सुविधा दी गई है। दूतावास ने स्पष्ट किया है कि वह इजराइली अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और स्थिति के अनुसार आगे भी आवश्यक अपडेट जारी करता रहेगा।
गौरतलब है कि पश्चिम एशिया क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर वहां रह रहे विदेशी नागरिकों की सुरक्षा पर भी पड़ सकता है। ऐसे में भारत सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लगातार हालात की समीक्षा कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्रीय तनाव के बीच सतर्कता और आधिकारिक निर्देशों का पालन करना ही नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का सबसे प्रभावी तरीका है। फिलहाल स्थिति संवेदनशील बनी हुई है और सभी पक्षों की गतिविधियों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर रखी जा रही है।
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