May 2, 2026

ईरान छोड़िए, दुनिया में अमेरिका हर दिन कर रहा 2 हवाई हमले, यहां गिराए सबसे ज्यादा बम

ईरान में जारी प्रदर्शनों और अमेरिका की संभावित कार्रवाई को लेकर भले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि वॉशिंगटन पहले से ही दुनिया के कई हिस्सों में लगातार सैन्य कार्रवाई कर रहा है। एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप की सत्ता में वापसी के बाद अमेरिका की सैन्य नीति पहले की तुलना में कहीं ज्यादा आक्रामक हो गई है। बीते एक साल में अमेरिका ने औसतन हर दिन करीब दो हवाई हमले किए हैं, जो वैश्विक स्तर पर अमेरिकी सैन्य दखल की गंभीर तस्वीर पेश करता है।

 

आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक साल में अमेरिका ने दुनिया के अलग-अलग देशों में कुल 658 हवाई हमले किए, जिनमें अनुमानित 1,093 लोगों की मौत हुई है। यह संख्या न सिर्फ चौंकाने वाली है, बल्कि यह भी दिखाती है कि अमेरिका की सैन्य रणनीति किस तेजी से आक्रामक रुख अपना रही है। खास बात यह है कि इन हमलों का बड़ा हिस्सा मध्य पूर्व, एशिया और लैटिन अमेरिका के क्षेत्रों में हुआ है, जहां पहले से ही अस्थिरता और संघर्ष की स्थिति बनी हुई है।

 

गैर-लाभकारी संस्था आर्म्ड कॉन्फ्लिक्ट लोकेशन एंड इवेंट डेटा (ACLED) की रिपोर्ट के मुताबिक, 20 जनवरी 2025 से 5 जनवरी 2026 के बीच अमेरिका ने 573 एकतरफा हवाई और ड्रोन हमले किए। यदि इसमें सहयोगी देशों के साथ मिलकर किए गए सैन्य ऑपरेशन, जैसे सीरिया और इराक में ISIS के खिलाफ कार्रवाई, को भी जोड़ लिया जाए तो यह संख्या 658 तक पहुंच जाती है। यह आंकड़ा पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के पूरे चार साल के कार्यकाल में हुए कुल 694 गठबंधन हमलों के लगभग बराबर है, जो ट्रंप के पहले ही साल की आक्रामकता को साफ दर्शाता है।

 

जो बाइडन के कार्यकाल की बात करें तो उस दौरान अमेरिका ने कुल 494 एकतरफा सैन्य हमले किए थे। बाइडन प्रशासन की नीति को अपेक्षाकृत संयमित और गठबंधन-आधारित माना जाता रहा है। उनके चार साल के कार्यकाल में अमेरिका 1,648 विदेशी सैन्य घटनाओं में शामिल रहा, जिनमें करीब 1,518 लोगों की मौत हुई। इसके मुकाबले ट्रंप की दूसरी पारी के पहले ही साल में 1,008 विदेशी सैन्य घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें 1,093 मौतों का अनुमान है। इससे साफ है कि ट्रंप प्रशासन के तहत अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की रफ्तार कहीं ज्यादा तेज रही है।

 

रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि ट्रंप सरकार के दौरान हुए 80 प्रतिशत से ज्यादा हमले यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ किए गए। जनवरी से दिसंबर के बीच यमन में अमेरिकी हमलों में 530 से अधिक लोगों की मौत का अनुमान है। खासतौर पर यमन की राजधानी सना पर सबसे ज्यादा बम गिराए गए, जहां 538 हवाई हमलों की पुष्टि हुई है। यह किसी एक शहर में अमेरिकी हमलों का सबसे बड़ा आंकड़ा माना जा रहा है।

 

अमेरिकी सैन्य कार्रवाई सिर्फ जमीन तक ही सीमित नहीं रही। कैरेबियन सागर और ईस्टर्न पैसिफिक के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में भी अमेरिका ने कथित ड्रग तस्करों के खिलाफ बड़े ऑपरेशन चलाए। रिपोर्ट के मुताबिक, इन अभियानों में 110 से ज्यादा लोगों को मार गिराने की पुष्टि की गई है। यह कार्रवाई सीधे अमेरिकी रक्षा मंत्री के आदेश पर की गई थी। कुल मिलाकर, ये आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि ट्रंप की वापसी के बाद अमेरिका की वैश्विक सैन्य भूमिका कहीं ज्यादा आक्रामक और व्यापक हो गई है, जिसका असर आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय राजनीति और सुरक्षा समीकरणों पर गहराई से पड़ सकता है।

Share this content:

About The Author

error: Content is protected !!