चेपॉक में लगातार चौथी हार से टूटा सीएसके का आत्मविश्वास, आईपीएल इतिहास में दूसरी बार चेन्नई को भुगतना पड़ा ऐसा बुरा दिन
चेन्नई सुपर किंग्स के लिए आईपीएल 2025 का सीजन अब तक बेहद निराशाजनक रहा है और इसका ताजा उदाहरण देखने को मिला चेपॉक स्टेडियम में, जहां उसे सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 5 विकेट से हार झेलनी पड़ी। यह हार केवल एक मुकाबले की शिकस्त नहीं थी, बल्कि इसके साथ ही सीएसके को चेपॉक के मैदान पर लगातार चौथी बार हार का सामना करना पड़ा, जो कि टीम के इतिहास में दूसरी बार हुआ है। चेपॉक को सीएसके का किला माना जाता रहा है, जहां टीम हमेशा से ही अपराजेय नजर आई है, लेकिन इस सीजन में यही किला ढहता हुआ नजर आ रहा है।
सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मैच में सीएसके के बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों ही फ्लॉप रहे। पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम ने महज 154 रन बनाए, जो कि एक प्रतिस्पर्धात्मक स्कोर नहीं माना जा सकता। इस स्कोर का पीछा करते हुए हैदराबाद की टीम ने बिना किसी दबाव के लक्ष्य हासिल कर लिया और मैच को 5 विकेट से अपने नाम कर लिया। हैदराबाद के बल्लेबाजों ने चेन्नई के गेंदबाजों को पूरी तरह साध लिया और कभी भी रनगति पर नियंत्रण नहीं बनने दिया। वहीं दूसरी ओर सीएसके के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही संघर्ष किया और नियमित अंतराल पर विकेट गंवाते रहे।
चेन्नई के घरेलू मैदान पर यह प्रदर्शन इसलिए और चौंकाने वाला है क्योंकि इतिहास में यह केवल दूसरी बार है जब चेपॉक में सीएसके को लगातार चार मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है। इससे पहले 2008 और 2010 के सीजन के बीच चेन्नई ने अपने अंतिम दो घरेलू मुकाबले हारे थे और फिर 2010 के पहले दो मैच भी हार गई थी। 2010 में एक मैच सुपर ओवर में गंवाया गया था। इस बीच 2009 का आईपीएल दक्षिण अफ्रीका में हुआ था, इसलिए चेपॉक में कोई घरेलू मैच नहीं हुआ था। यानी लगभग 15 साल बाद चेपॉक के मैदान पर ऐसा काला दौर फिर से देखने को मिला है।
आईपीएल 2025 में सीएसके का प्रदर्शन उम्मीद से कहीं नीचे रहा है। अब तक टीम ने 9 मुकाबले खेले हैं, जिनमें से केवल दो में ही उसे जीत नसीब हुई है। टीम अंक तालिका में सबसे निचले स्थान पर बनी हुई है और प्लेऑफ में पहुंचने की संभावना अब लगभग खत्म हो चुकी है। टीम को अब अपने शेष बचे पांच मैचों में केवल जीत ही नहीं चाहिए, बल्कि बाकी टीमों के परिणाम भी उसके पक्ष में आने चाहिए, जो कि मौजूदा हालात को देखते हुए बेहद मुश्किल लगता है।
चेपॉक में लगातार हार ने टीम के आत्मविश्वास को भी गहरा आघात पहुंचाया है। एमएस धोनी जैसे अनुभवी कप्तान के नेतृत्व में टीम संघर्ष कर रही है, लेकिन हर मैच के साथ यह साफ होता जा रहा है कि यह सीजन टीम के लिए भारी पड़ रहा है। गेंदबाज लय में नहीं हैं, बल्लेबाज जिम्मेदारी नहीं ले रहे और टीम संयोजन में भी लगातार प्रयोग हो रहे हैं। ऐसे में आने वाले मैचों में सीएसके के लिए यह जरूरी होगा कि वह कम से कम आत्मसम्मान की लड़ाई लड़ते हुए टूर्नामेंट का समापन करे और अगली सीजन के लिए कुछ सकारात्मक संकेत छोड़ जाए।
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