मानसून सत्र शुरू होने से पहले बोले पीएम मोदी – “देश के लिए गौरवपूर्ण अवसर”, विपक्ष ने उठाए कई बड़े मुद्दे
संसद का मानसून सत्र आज सोमवार, 21 जुलाई से शुरू हो गया है। सत्र के शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर में कहा कि यह सत्र देश के लिए बहुत ही गौरवपूर्ण है। उन्होंने मानसून को नवीनता और नवसृजन का प्रतीक बताया और कहा कि यह कृषि के लिए लाभकारी मौसम होता है, इसलिए इस दौरान होने वाला सत्र भी देश के विकास के लिए अहम है।
हालांकि, विपक्ष ने इस सत्र में सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है। कांग्रेस समेत ‘INDIA’ गठबंधन के 23 सहयोगी दलों ने मिलकर तय किया है कि इस बार वे पहलगाम आतंकी हमले, ऑपरेशन सिंदूर के अचानक रोके जाने, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मध्यस्थता दावे और बिहार में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) जैसे मुद्दों को संसद में प्रमुखता से उठाएंगे।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सत्र शुरू होने से पहले सोशल मीडिया पर पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि हर बार की तरह इस बार भी वे संसद के बाहर घिसी-पिटी और खोखली बातें कहेंगे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री पूरे साल संसद में शायद ही दिखाई देते हैं और बस एक बार राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के समय भाषण देते हैं।
जयराम रमेश ने मांग की कि जब सदन में पहलगाम हमला, ऑपरेशन सिंदूर और ट्रंप से जुड़े मुद्दे उठेंगे तो पीएम मोदी को सदन में उपस्थित रहकर जवाब देना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पीएम मोदी संसद सत्र के बीच एक और विदेशी दौरे की तैयारी में हैं, जिससे मणिपुर जैसे राज्यों के नागरिक खुद को उपेक्षित महसूस करेंगे।
इस बार संसद सत्र में 21 बैठकें प्रस्तावित हैं और यह 21 अगस्त तक चलेगा। सरकार की कोशिश है कि इस दौरान महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित किया जाए, लेकिन विपक्ष के तेवर देख कर यह सत्र काफी हंगामेदार रहने की संभावना है।
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