अलास्का और ताजिकिस्तान में भूकंप के तेज झटके, भारत के कई हिस्सों में भी कांपी धरती
अलास्का और ताजिकिस्तान में आज तड़के जोरदार भूकंप के झटकों ने दहशत फैला दी। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, अलास्का में 6.2 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप दर्ज किया गया, जिसका केंद्र 48 किलोमीटर की गहराई में था। यह इलाका पहले से ही आफ्टरशॉक्स के प्रति संवेदनशील माना जाता है। इससे पहले 17 जुलाई को भी अलास्का में 7.3 तीव्रता का भूकंप आया था।
वहीं ताजिकिस्तान में भी दो बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। आज सुबह यहां 4.6 तीव्रता का भूकंप आया, जिसकी गहराई 23 किलोमीटर बताई गई। रविवार को भी यहां 4.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। इससे पहले 18 और 12 जुलाई को भी इस क्षेत्र में लगातार झटके महसूस किए गए थे, जिससे लोगों में चिंता का माहौल बना हुआ है।
भारत के भी कुछ हिस्से भूकंप से अछूते नहीं रहे। सोमवार तड़के जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में 3.1 तीव्रता का भूकंप आया, जिसकी गहराई 10 किलोमीटर थी। इसके अलावा रविवार रात अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी जिले में 3.4 तीव्रता का हल्का भूकंप दर्ज किया गया। यहां भूकंप की गहराई 5 किलोमीटर थी।
विशेषज्ञों का कहना है कि उथले भूकंप अधिक खतरनाक होते हैं क्योंकि उनकी तरंगें सतह तक कम दूरी तय करती हैं और इससे जमीन अधिक तेजी से हिलती है, जिससे इमारतों को ज्यादा नुकसान हो सकता है।
ताजिकिस्तान को खासतौर पर एक संवेदनशील देश माना जाता है, जहां भूकंप के अलावा बाढ़, सूखा, हिमस्खलन और भूस्खलन जैसी जलवायु आपदाएं आम हैं। यह क्षेत्र ग्लेशियरों पर निर्भर नदी घाटियों से सिंचाई और जल संसाधन प्राप्त करता है, जिससे यहां की भूकंपीय सक्रियता और भी अधिक चिंताजनक हो जाती है।
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