May 6, 2026

भारत में जनगणना 2026-27: दो चरणों में होगी प्रक्रिया, सरकार ने जारी की अधिसूचना

भारत में 2026-27 में जनगणना की प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी। केंद्र सरकार ने जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। गृह मंत्री अमित शाह ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना महामारी के कारण जो जनगणना प्रक्रिया पहले रुकी थी, अब वह औपचारिक रूप से शुरू की जा रही है। यह जनगणना भारत की आबादी, सामाजिक संरचना और भौगोलिक स्थिति को रिकॉर्ड करने की सबसे बड़ी कवायद होगी, जिसका असर भविष्य की नीतियों और आरक्षण जैसी व्यवस्थाओं पर भी पड़ेगा।

यहां जनगणना से जुड़ी 10 अहम बातें संक्षेप में:

1. जनगणना दो चरणों में होगी, पहला चरण अक्टूबर 2026 तक और दूसरा मार्च 2027 तक पूरा किया जाएगा।

2. जनगणना की संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 होगी, यानी इस दिन की जनसंख्या और सामाजिक स्थिति को रिकॉर्ड में लिया जाएगा।

3. पहाड़ी और ठंडे इलाकों जैसे जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में पहले चरण में ही जनगणना पूरी की जाएगी, और 1 अक्टूबर 2026 को वहां की संदर्भ तिथि मानी जाएगी।

4. पूरी प्रक्रिया 21 महीनों में पूरी की जाएगी।

5. प्राथमिक आंकड़े मार्च 2027 में सार्वजनिक किए जाएंगे।

6. विस्तृत आंकड़े दिसंबर 2027 तक आने की उम्मीद है।

7. इसके बाद लोकसभा और विधानसभा सीटों का परिसीमन 2028 में शुरू होगा।

8. परिसीमन प्रक्रिया में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लागू करने की योजना पर भी काम किया जाएगा।

9. इससे 2029 के लोकसभा चुनावों में महिला आरक्षण की संभावना मजबूत हो जाएगी।

10. अगली जनगणना 2035 में कराई जाएगी, अगर नियमित 10-वर्षीय चक्र को जारी रखा गया।

 

यह जनगणना भारत के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकती है क्योंकि इससे न केवल सामाजिक-आर्थिक नीतियों को दिशा मिलेगी बल्कि राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को लेकर भी बड़ी तस्वीर सामने आएगी।

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