Income Tax Notice: इनकम टैक्स नोटिस से बचना है तो जान लें ये 5 जरूरी बातें
आयकर विभाग ने इन दिनों टेक्नोलॉजी के जरिए टैक्सपेयर पर नजर रखना तेज कर दिया है। खासतौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से अब उन लोगों को नोटिस भेजे जा रहे हैं, जिनके ट्रांजेक्शन में गड़बड़ी या विसंगति नजर आती है। अगर आप भी टैक्स भरने से पहले नोटिस की चिंता से बचना चाहते हैं, तो कुछ जरूरी नियम जान लेना आपके लिए फायदेमंद साबित होगा।
सबसे पहले ध्यान दें कि अगर आपके सेविंग अकाउंट में सालभर में 10 लाख रुपये या उससे ज्यादा का लेन-देन होता है, तो यह इनकम टैक्स विभाग की नजर में आ सकता है। खासतौर पर जब बड़े ट्रांजेक्शन की सोर्स डिटेल्स साफ नहीं होतीं। इसलिए किसी भी लेन-देन की स्पष्ट जानकारी रखें कि वह पैसा कहां से आया, किसने भेजा और किस मकसद से आया।
दूसरा, अगर कोई रिश्तेदार या जानने वाला आपको 10 लाख रुपये या उससे ज्यादा की रकम ट्रांसफर करता है, तो उसकी पूरी जानकारी दस्तावेज़ के रूप में रखें। टैक्स डिपार्टमेंट यह डिटेल कभी भी मांग सकता है। यदि आप बार-बार बड़े ट्रांजेक्शन कर रहे हैं, तो बैंक इसे संदिग्ध मानकर विभाग को रिपोर्ट कर सकता है।
तीसरा, अपने बैंक खाते में पैन कार्ड और केवाईसी अपडेट रखें। यह टैक्स की जांच के समय आपको परेशानी से बचा सकता है। असामान्य लेन-देन की स्थिति में बैंक आपसे जवाब मांग सकता है या फिर विभाग से नोटिस आ सकता है।
चौथा, अगर आपने अभी तक ITR नहीं भरा है तो 15 सितंबर की डेडलाइन से पहले उसे जरूर फाइल करें। लेट फाइलिंग या अधूरी जानकारी भी नोटिस का कारण बन सकती है।
पांचवां और सबसे जरूरी – किसी भी ट्रांजेक्शन में पारदर्शिता रखें। झूठी जानकारी या छुपाए गए इनकम सोर्स भविष्य में बड़ी मुश्किल में डाल सकते हैं। ऐसे में जरूरी है कि सभी वित्तीय गतिविधियों का रिकॉर्ड रखें और सही जानकारी आयकर रिटर्न में दें।
इन कुछ उपायों को अपनाकर आप गैर-ज़रूरी नोटिस से बच सकते हैं और टैक्स से जुड़े मामलों को आसान बना सकते हैं।
Share this content:
