April 20, 2026

आयकर विभाग का कोफोर्ज पर 184.98 करोड़ रुपये का नोटिस, ट्रांसफर प्राइसिंग विवाद ने बढ़ाया विवाद

भारत में आयकर विभाग ने प्रमुख आईटी कंपनी कोफोर्ज लिमिटेड को एक बड़ा झटका देते हुए 184.98 करोड़ रुपये का नोटिस जारी किया है। विभाग ने कंपनी पर आरोप लगाया है कि उसने वित्त वर्ष 2021-22 में अपने लाभ मार्जिन को सही तरीके से नहीं बताया, जिससे यह टैक्स की देनदारी बढ़ी। इस मामले में ट्रांसफर प्राइसिंग डिस्प्यूट की वजह से टैक्स डिमांड बढ़ी है, जिसमें 48.46 करोड़ रुपये ब्याज के तौर पर शामिल हैं।

कंपनी के खिलाफ 184.98 करोड़ रुपये का टैक्स नोटिस

आयकर विभाग की जांच में यह पाया गया कि कोफोर्ज लिमिटेड ने अपनी वित्तीय रिपोर्टिंग में प्रॉफिट मार्जिन को कम बताया। कंपनी ने 32.5 प्रतिशत की अपेक्षाकृत अधिक प्रॉफिट मार्जिन के बजाय महज 11.6 प्रतिशत दिखाया था, जिससे टैक्स की देनदारी में कमी आई। विभाग का आरोप है कि कंपनी ने जानबूझकर अपनी प्रॉफिट मार्जिन को गलत तरीके से प्रस्तुत किया, ताकि टैक्स की राशि को घटाया जा सके। इसके परिणामस्वरूप, कंपनी को 48.46 करोड़ रुपये के ब्याज के साथ कुल 184.98 करोड़ रुपये का टैक्स नोटिस जारी किया गया है।

कंपनी का विरोध और प्रतिक्रिया

कोफोर्ज ने आयकर विभाग के आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा कि उसने पूरी सच्चाई के साथ अपने वित्तीय आंकड़े पेश किए थे। कंपनी का दावा है कि विभाग द्वारा की गई टैक्स डिमांड गलत है और वह इसे चुनौती देगी। कोफोर्ज के अधिकारियों ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “हम इस मुद्दे का विरोध करते हैं और हमें पूरा विश्वास है कि यह मामला बिना अधिक बढ़े सुलझ जाएगा। हम इस पर अपने टैक्स एक्सपर्ट्स से भी बातचीत कर रहे हैं, ताकि जल्द से जल्द इसे हल किया जा सके।”

ट्रांसफर प्राइसिंग डिस्प्यूट: क्या है यह विवाद?

ट्रांसफर प्राइसिंग डिस्प्यूट एक ऐसा मामला है जो बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) और टैक्स अथॉरिटीज के बीच उत्पन्न होता है। यह तब होता है जब टैक्स अधिकारी यह मानते हैं कि कंपनी ने अपनी अंतर्राष्ट्रीय लेन-देन की कीमतें इस प्रकार तय की हैं, ताकि टैक्सेबल प्रॉफिट को कम दिखाया जा सके और टैक्स देनदारी घटाई जा सके। ऐसे मामलों में टैक्स अधिकारियों का यह आरोप होता है कि कंपनी ने अपने कारोबार के मूल्यांकन को इस तरीके से प्रस्तुत किया, ताकि यह कम टैक्स भुगतान करने का रास्ता बने।

क्या इसका असर कंपनी की स्थिति पर पड़ेगा?

कोफोर्ज जैसे प्रमुख आईटी कंपनी पर आयकर विभाग का यह नोटिस अब कई सवाल खड़े कर रहा है। क्या यह मामला कंपनी की वित्तीय स्थिति को प्रभावित करेगा? क्या टैक्स विभाग और कंपनी के बीच का यह विवाद लंबा चलेगा या जल्द सुलझ जाएगा? इन सवालों के जवाब आने वाले समय में सामने आएंगे। हालांकि, कंपनी का यह कहना है कि वह इस मुद्दे को हल करने के लिए पूरी तरह से तैयार है और इस पर विश्वास जताया है कि जल्द ही इस मामले का समाधान होगा।

यह नोटिस और विवाद तब सामने आया है जब भारत में कई कंपनियां अपनी टैक्स नीति और वित्तीय आंकड़ों को लेकर सख्त निगरानी के तहत हैं। ऐसे में यह मामला कोफोर्ज के लिए एक चुनौती बन सकता है, हालांकि कंपनी की ओर से इसका विरोध किया गया है और उसकी पूरी कोशिश होगी कि इसे सही तरीके से सुलझाया जा सके।

आगे क्या होगा?

इस मामले में आगे आने वाले दिनों में आयकर विभाग और कंपनी के बीच वार्ता के परिणाम सामने आ सकते हैं। फिलहाल कोफोर्ज ने इस विवाद के समाधान के लिए अपने टैक्स एक्सपर्ट्स से विचार विमर्श करने की बात कही है, जो आने वाले दिनों में स्पष्टता प्रदान कर सकते हैं।

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