सोने की कीमतों में उछाल! गुड़ी पड़वा और नवरात्रि के त्योहारों के बीच सोने का बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई पर
गुड़ी पड़वा, नवरात्रि और ईद जैसे प्रमुख त्योहारों के आगमन के साथ ही भारत में सोने-चांदी का बाजार काफी उत्साहित नजर आ रहा है। इस उत्साह का मुख्य कारण न केवल भारतीय बाजार में बढ़ती मांग है, बल्कि वैश्विक स्तर पर कीमती धातुओं की कीमतों में हो रही तेजी भी है। शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में सोने की कीमत ने नया रिकॉर्ड बना दिया। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, सोने की कीमत 1,100 रुपये की बढ़ोतरी के साथ 92,150 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई, जो कि अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है।
कीमतें नई ऊंचाई पर, वैश्विक अनिश्चितताओं का असर
भारत में सोने की कीमतें ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच चुकी हैं। इसके पीछे वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं, भू-राजनीतिक तनाव और मजबूत निवेश मांग प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। वित्त वर्ष 2025 में सोने की कीमतों में 23,730 रुपये यानी करीब 35 प्रतिशत का इजाफा हुआ है, जो पिछले वर्ष 1 अप्रैल को 68,420 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। आज भारत में 24 कैरेट सोने की कीमत 9,120 रुपये प्रति ग्राम, 22 कैरेट सोने की कीमत 8,360 रुपये प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोने (जिसे 999 सोना भी कहा जाता है) की कीमत 6,840 रुपये प्रति ग्राम है।
लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बढ़त
सोने की कीमतों में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में उछाल देखने को मिला। 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव 1,100 रुपये बढ़कर 91,700 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। यह पिछले कारोबारी सत्र में 90,600 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था। वैश्विक व्यापारिक तनावों के बीच निवेशक सुरक्षित निवेश की तलाश में हैं, जिसके कारण सोने की मांग बढ़ी है। इसके अलावा, निवेशकों को उम्मीद है कि आने वाले सप्ताह में टैरिफ विकास पर अधिक स्पष्टता मिलेगी, जिससे वे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव का आकलन कर सकेंगे।
निवेशकों की नजर तिमाही आय रिपोर्ट पर
अब निवेशक तिमाही आय रिपोर्ट्स पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, ताकि वे आगामी आर्थिक संकेतकों से संबंधित कोई महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकें। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत और अमेरिका के बीच चल रही द्विपक्षीय व्यापार बैठक पर भी निवेशकों की नजर बनी हुई है, जिसका समापन शनिवार तक हो सकता है। इसमें प्रमुख आर्थिक संकेतक जैसे यूएस जॉब ओपनिंग डेटा और भारत का पीएमआई शामिल हैं, जो दोनों ही अपने-अपने क्षेत्रों में आर्थिक गति के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करेंगे।
क्या सोने में निवेश का यह सही समय है?
गुड़ी पड़वा आ चुका है और अक्षय तृतीया के आने में अब केवल एक महीना बाकी है। ये दोनों ही दिन सोने की खरीदारी के लिए बेहद अहम माने जाते हैं। हालांकि, सोने की कीमतों के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के कारण मांग में कमी आने की संभावना जताई जा रही है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कई खरीदार इस समय नई खरीदारी करने के बजाय पुराने सोने को बदल रहे हैं, जिससे सोने की तरलता बनी रहती है और परंपरा भी कायम रहती है। ऐसे में सोने की खरीदारी करने से पहले बाजार की स्थिति को ध्यान से समझना जरूरी है।
क्या सोने की कीमतों का सिलसिला जारी रहेगा?
सोने की कीमतों में इस तेजी को लेकर बाजार में मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। जहां कुछ विशेषज्ञ इसे एक सामान्य ऊंचाई मान रहे हैं, वहीं कुछ का मानना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां और भू-राजनीतिक हालात सोने की कीमतों को और ऊपर ले जा सकते हैं। हालांकि, इससे जुड़े हर निवेशक को अपनी स्थिति और जोखिम को ध्यान में रखते हुए ही निवेश करने का सुझाव दिया जा रहा है।
इस समय सोने का बाजार सुर्खियों में है और आगामी दिनों में इसकी कीमतों के और भी ऊंचे स्तर तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि बाजार में उतार-चढ़ाव से कोई भी निवेश सुरक्षित नहीं होता।
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