कांग्रेस ने राज्यसभा में महंगाई पर सरकार को घेरा, इमरान प्रतापगढ़ी ने उठाए गंभीर सवाल
राज्यसभा में गुरुवार को महंगाई का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस ने केंद्र सरकार को जोरदार आलोचना का सामना कराया। पार्टी के सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने दूध, पेट्रोल, और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी पर कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने सवाल किया कि, “इतनी महंगाई से सरकार किसे संतुष्ट करने की कोशिश कर रही है?” उनका कहना था कि महंगाई अब चरम पर पहुंच चुकी है और आम जनता इसकी मार झेल रही है।
बजट 2025-26 पर चर्चा के दौरान प्रतापगढ़ी ने सरकार की आर्थिक नीतियों को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार नए शब्दों का इस्तेमाल कर रही है, लेकिन वास्तविकता में जनता को राहत नहीं मिल रही। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने मनरेगा के लिए एक भी रुपया बढ़ाकर आवंटित नहीं किया और अंत्येष्टि सामान पर भी टैक्स लगाने का सिलसिला जारी रखा है।
‘महंगाई पर कोई नियंत्रण नहीं’
कांग्रेस सांसद ने कहा, “देश में पेट्रोल की कीमतें बढ़ाकर सरकार आखिर किसे संतुष्ट कर रही है?” उन्होंने यह भी पूछा, “73 रुपये प्रति लीटर दूध खरीद कर आखिर किसे संतुष्ट किया जा रहा है?” उनका कहना था कि सरकार का महंगाई और बाजार पर कोई नियंत्रण नहीं रह गया है, और स्थिति लगातार बिगड़ रही है।
‘कृषि और किसानों के लिए बजट में कोई जगह नहीं’
प्रतापगढ़ी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान मखाना कारोबार को प्रोत्साहित करने की बात कही थी, और अब सरकार ने उसी विचार को बजट में शामिल किया है। लेकिन, उन्होंने यह भी कहा कि काश सरकार इस बजट में किसानों के दर्द और उनकी समस्याओं को भी समझ पाती, खासकर पंजाब-हरियाणा सीमा पर प्रदर्शन कर रहे किसानों के मुद्दे पर।
‘अल्पसंख्यकों के लिए योजनाओं का बंद होना दुखद’
इसके अलावा, कांग्रेस सांसद ने सरकार पर अल्पसंख्यकों से जुड़ी योजनाओं को बंद करने का आरोप भी लगाया। उनका कहना था कि मोदी सरकार ने कई योजनाओं को खत्म कर दिया है, जिससे अल्पसंख्यक समुदाय को गंभीर नुकसान हो रहा है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अलीगढ़, बनारस जैसे शहरों के पारंपरिक उद्योग भी अब बंद हो रहे हैं, जिससे वहां के लोग आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए, महंगाई और असमान विकास के खिलाफ कड़े कदम उठाने की मांग की है।
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