ICRA ने घटाया भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान, FY25 की रफ्तार पर सवाल—31 मई को खुलेगा असली लेखा-जोखा
क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ICRA ने सोमवार को अपनी नई रिपोर्ट में भारत की आर्थिक विकास दर को लेकर चिंता जताई है। एजेंसी ने मार्च तिमाही (Q4 FY25) के लिए GDP ग्रोथ 6.9% रहने का अनुमान जताया है, जो कि नेशनल स्टैटिस्टिक्स ऑफिस (NSO) के फरवरी में दिए गए 7.6% के अनुमान से कम है।
सिर्फ यही नहीं, ICRA का यह भी मानना है कि पूरे वित्त वर्ष 2024-25 में GDP ग्रोथ 6.3% तक ही सीमित रह सकती है, जबकि NSO ने इसे 6.5% रहने का अनुमान जताया था। इसका सीधा मतलब है कि यदि सरकार का आंकलन सही बैठाना हो, तो Q4 में 7.6% की ग्रोथ जरूरी होगी—जो मौजूदा हालात को देखते हुए मुश्किल लग रहा है।
FY24 की तुलना में FY25 में गिरावट तय?
ICRA के मुताबिक, FY2023-24 में GDP ग्रोथ 9.2% रही थी, लेकिन आने वाले साल यानी FY25 में इसमें तीव्र गिरावट आ सकती है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण निजी खपत और निवेश गतिविधियों में असंतुलन को बताया गया है।
ICRA की चीफ इकोनॉमिस्ट अदिति नायर ने कहा कि मार्च तिमाही में निवेश और उपभोग की गति एक जैसी नहीं रही। निवेश गतिविधियों में सुस्ती देखने को मिली, जिसका कारण टैरिफ नीतियों को लेकर अनिश्चितता रहा है।
सेवाओं का एक्सपोर्ट बना सहारा, लेकिन मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट कमजोर
रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सेवाओं का निर्यात (Service Exports) लगातार दो अंकों की ग्रोथ दिखा रहा है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है। लेकिन दूसरी ओर, वस्तुओं का निर्यात (Merchandise Exports) जो दिसंबर में सुधरा था, मार्च तिमाही में फिर से गिरावट की ओर लौट गया है।
अब सबकी नजर 31 मई पर
आखिरकार सच्चाई क्या है, इसका फैसला 31 मई 2025 को होगा जब NSO द्वारा Q4 और पूरे FY25 के प्रोविजनल GDP आंकड़े जारी किए जाएंगे। इन आंकड़ों से यह स्पष्ट होगा कि ICRA की आशंकाएं कितनी सटीक थीं और भारत की अर्थव्यवस्था वास्तव में किस दिशा में बढ़ रही है।
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