IAF की ताकत में होगा जबरदस्त इजाफा, सरकार 10,000 करोड़ के I-STAR जासूसी विमान खरीदेगी
भारतीय वायुसेना की क्षमताओं में जल्द ही बड़ा तकनीकी इजाफा होने जा रहा है, क्योंकि सरकार ने 10,000 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक I-STAR जासूसी विमान खरीदने की योजना बनाई है। ये विमान इंटेलिजेंस, सर्विलांस, टारगेट एक्विजिशन और रिकॉनिसन्स (ISTAR) क्षमताओं से लैस होंगे और इन्हें दुश्मन के महत्वपूर्ण ठिकानों पर दूर से सटीक हमला करने में सक्षम बनाया जाएगा।
इस परियोजना के तहत भारतीय वायुसेना तीन हाई-टेक एयरक्राफ्ट खरीदेगी, जिनका निर्माण संभवतः बोइंग या बॉम्बार्डियर जैसी कंपनियों से होगा। इन विमानों में DRDO के सेंटर फॉर एयरबोर्न सिस्टम्स द्वारा विकसित स्वदेशी सेंसर्स और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम्स लगाए जाएंगे, जो दिन-रात और जटिल इलाकों में भी दुश्मन के ठिकानों को सटीकता से पहचानने और ट्रैक करने में सक्षम होंगे। अधिकारियों के मुताबिक, पहले से टेस्टेड स्वदेशी टेक्नोलॉजी के कारण इनका इंटीग्रेशन तेज़ी से हो सकेगा।
I-STAR प्लेन्स भारत को उन गिने-चुने देशों की सूची में शामिल करेंगे जो एयर-टू-ग्राउंड सर्विलांस और स्ट्राइक कोऑर्डिनेशन जैसी रणनीतिक क्षमताएं रखते हैं। वर्तमान में ऐसी तकनीक केवल अमेरिका, ब्रिटेन और इजरायल के पास है। इन विमानों से युद्ध क्षेत्र की रियल-टाइम तस्वीर मिल सकेगी और सीमित युद्ध की स्थिति में भी भारत सटीक और प्रभावी कार्रवाई कर सकेगा।
ये सिस्टम बिना दुश्मन की हवाई सीमा में घुसे, उच्च ऊंचाई से खुफिया जानकारी एकत्र करने, निगरानी रखने, लक्ष्य की पहचान और उन पर हमले की रणनीति बनाने में सक्षम होगा। इससे भारत की रणनीतिक ताकत के साथ-साथ त्वरित जवाबी कार्रवाई की क्षमता भी मजबूत होगी, जो राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमाओं पर तैयारियों को और पुख्ता बनाएगा।
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