सर्दियों में प्रेगनेंट महिलाओं की डाइट: मां और बच्चे की सेहत के लिए क्या खाएं और किन चीजों से करें परहेज
ठंड के मौसम में सही खानपान से मजबूत होती है इम्यूनिटी, शारीरिक और मानसिक विकास को मिलता है सहारा
सर्दियों का मौसम प्रेगनेंट महिलाओं के लिए अतिरिक्त सतर्कता की मांग करता है। इस दौरान ठंड, वायरल संक्रमण और थकान का असर सीधे तौर पर गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे बच्चे पर पड़ सकता है। ऐसे में संतुलित और पोषण से भरपूर डाइट बेहद जरूरी हो जाती है। सही खानपान न सिर्फ मां की सेहत को बनाए रखता है, बल्कि बच्चे के समुचित शारीरिक और मानसिक विकास में भी अहम भूमिका निभाता है। सर्दियों में शरीर को ज्यादा ऊर्जा और गर्माहट की जरूरत होती है, इसलिए भोजन का चयन सोच-समझकर करना चाहिए।
आरएमएल हॉस्पिटल के महिला रोग विभाग में कार्यरत डॉ. सलोनी चड्ढा के अनुसार, सर्दियों में प्रेगनेंट महिलाओं को अपनी डाइट में हरी सब्जियों को जरूर शामिल करना चाहिए। पालक, मेथी और सरसों का साग आयरन और फाइबर से भरपूर होते हैं, जो खून की कमी को दूर करने में मदद करते हैं। इसके अलावा बादाम, अखरोट और किशमिश जैसे ड्राई फ्रूट्स शरीर को अतिरिक्त ऊर्जा देने के साथ-साथ ठंड में कमजोरी से भी बचाते हैं। ये पोषक तत्व मां और बच्चे दोनों के लिए फायदेमंद होते हैं।
दूध और दूध से बने उत्पाद जैसे दही और पनीर कैल्शियम का अच्छा स्रोत होते हैं, जो बच्चे की हड्डियों और दांतों के विकास के लिए जरूरी हैं। मौसमी फल जैसे संतरा, अमरूद और सेब विटामिन-सी प्रदान करते हैं, जिससे इम्यूनिटी मजबूत होती है। दालें, चना और राजमा प्रोटीन की जरूरत को पूरा करते हैं, जबकि गुनगुना सूप और दलिया शरीर को अंदर से गर्म रखने में सहायक होते हैं और पाचन को भी बेहतर बनाते हैं।
वहीं, कुछ चीजों से दूरी बनाना भी उतना ही जरूरी है। ज्यादा तला-भुना, मसालेदार और जंक फूड खाने से परहेज करना चाहिए, क्योंकि इससे एसिडिटी और पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। बहुत ठंडा खाना, बर्फ वाली चीजें, कच्चा या अधपका मांस, अंडा और मछली संक्रमण का खतरा बढ़ा सकते हैं। चाय और कॉफी जैसी कैफीन युक्त चीजों का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। धूम्रपान, शराब और किसी भी नशीले पदार्थ का सेवन गर्भावस्था में बेहद नुकसानदायक होता है।
डाइट के साथ-साथ सर्दियों में सही देखभाल भी जरूरी है। खुद को ठंड से बचाकर रखें, पर्याप्त नींद लें और हल्की-फुल्की वॉक या एक्सरसाइज को दिनचर्या में शामिल करें। पानी कम पीने की गलती न करें, क्योंकि सर्दियों में भी शरीर को पर्याप्त हाइड्रेशन की जरूरत होती है। किसी भी तरह की परेशानी होने पर बिना देरी किए डॉक्टर से सलाह लेना मां और बच्चे दोनों की सुरक्षा के लिए जरूरी है।
Share this content:
