April 30, 2026

गर्मियों में Heat Stroke से बचाव के अहम उपाय

गर्मी के मौसम में तेज़ धूप में बाहर निकलना कई बार खतरनाक साबित हो सकता है। शरीर पर अत्यधिक तापमान का असर सिर्फ थकान या पसीने तक ही सीमित नहीं रहता, बल्कि यह गंभीर रूप से जानलेवा भी हो सकता है। हीट स्ट्रोक एक ऐसी स्थिति है जो अक्सर नजरअंदाज कर दी जाती है, जबकि यह गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकती है।

हीट स्ट्रोक तब होता है जब वातावरण का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक हो जाता है। इस स्थिति में शरीर खुद को ठंडा नहीं रख पाता और पसीना बंद हो जाता है। इसके कारण सिर भारी लगना, चक्कर आना, उल्टी या बेहोशी जैसी गंभीर समस्याएँ हो सकती हैं। ऐसे में तुरंत चिकित्सकीय मदद लेना अत्यंत आवश्यक होता है, क्योंकि देरी जानलेवा साबित हो सकती है।

हीट स्ट्रोक से बचने के लिए केवल पानी पीना ही पर्याप्त नहीं है। शरीर को सुरक्षित रखने के लिए कुछ छोटे-छोटे कदम उठाने जरूरी हैं। जैसे कि गर्मियों में गहरे रंग के कपड़े न पहनें और हल्के रंग एवं कॉटन के कपड़े चुनें। धूप में बाहर निकलते समय सिर ढक कर रखें और टोपी, छाता या स्कार्फ का इस्तेमाल करें। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक सीधे धूप में रहने से बचें। यदि बाहर जाना अनिवार्य हो तो बार-बार छांव में ठहरें और ज्यादा देर तक धूप में खड़े न रहें।

खाने-पीने की आदतों में बदलाव करना भी जरूरी है। तली-भुनी और भारी चीजों की जगह तरबूज, खीरा, नींबू पानी, नारियल पानी और छाछ जैसी हल्की और ठंडक देने वाली चीजें शामिल करें। शरीर को लगातार ऊर्जा देने के लिए समय-समय पर हल्का-हल्का भोजन करें। पेट पूरी तरह खाली न रखें, क्योंकि इससे थकान और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।

यदि धूप में बाहर रहते समय चक्कर आए, अधिक पसीना आने लगे, प्यास लगे या शरीर भारी महसूस हो तो इसे नजरअंदाज न करें। तुरंत पानी पीएं, छांव में बैठें और अगर स्थिति में सुधार न हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। इन साधारण लेकिन महत्वपूर्ण सावधानियों से हीट स्ट्रोक के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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