हार्ट की 5 आम बीमारियां और उनके लक्षण: जानें एक्सपर्ट से बचाव के तरीके
नई दिल्ली: भारत समेत दुनियाभर में हार्ट डिजीज अब सबसे तेजी से बढ़ने वाली बीमारियों में गिनी जाती है। पहले इन्हें केवल बुजुर्गों की समस्या माना जाता था, लेकिन बदलती जीवनशैली, तनाव और गलत खानपान के कारण अब युवा भी बड़ी संख्या में इनका शिकार हो रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते लक्षणों की पहचान और स्वस्थ दिनचर्या अपनाने से इन बीमारियों से बचाव संभव है।
कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. टी.एस. क्लेर के मुताबिक, डायबिटीज, मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से हार्ट पर खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसके अलावा स्मोकिंग, अल्कोहल, नींद की कमी और शारीरिक गतिविधियों से दूरी भी हार्ट हेल्थ को नुकसान पहुंचाती है। महिलाओं में मेनोपॉज़ के बाद हार्मोनल बदलाव भी जोखिम को बढ़ा देते हैं।
1. कोरोनरी आर्टरी डिजीज (CAD)
इस बीमारी में हार्ट की धमनियां ब्लॉक या संकरी हो जाती हैं। मुख्य लक्षणों में सीने में दर्द, सांस फूलना, थकान और कभी-कभी जबड़े या बाजू में दर्द शामिल हैं।
2. हार्ट अटैक
जब हार्ट को खून पहुंचाने वाली नस पूरी तरह ब्लॉक हो जाती है तो हार्ट अटैक होता है। इसके लक्षणों में अचानक सीने में तेज दर्द, अत्यधिक पसीना, मतली, बेचैनी और सांस लेने में कठिनाई शामिल हैं। यह स्थिति जानलेवा हो सकती है।
3. अरिदमिया (धड़कन की अनियमितता)
अरिदमिया में हार्टबीट बहुत तेज, धीमी या असामान्य हो जाती है। मरीज को दिल की धड़कन तेज महसूस होना, चक्कर आना, थकान और कभी-कभी बेहोशी की समस्या हो सकती है।
4. हार्ट फेल्योर
जब दिल शरीर के विभिन्न अंगों तक पर्याप्त खून नहीं पहुंचा पाता तो यह स्थिति हार्ट फेल्योर कहलाती है। लगातार थकान रहना, पैरों में सूजन, सांस फूलना और लेटने पर सांस लेने में कठिनाई इसके प्रमुख लक्षण हैं।
5. हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन)
इसे “साइलेंट किलर” कहा जाता है, क्योंकि लंबे समय तक इसके स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते। लेकिन यह धीरे-धीरे धमनियों को नुकसान पहुंचाता है और हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी डिजीज का खतरा बढ़ा देता है। कभी-कभी सिरदर्द, चक्कर और सांस फूलना इसके संकेत हो सकते हैं।
कैसे करें बचाव?
डॉ. क्लेर सलाह देते हैं कि हार्ट को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज करें, फल-सब्ज़ियों और फाइबर से भरपूर आहार लें और जंक फूड, स्मोकिंग व अल्कोहल से दूरी बनाएं। ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच करवाना भी जरूरी है। तनाव कम करने के लिए योग और मेडिटेशन मददगार साबित हो सकते हैं।
विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर अचानक सीने में दर्द, अत्यधिक थकान या सांस लेने में समस्या जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। समय पर इलाज न केवल जीवन बचा सकता है बल्कि गंभीर जटिलताओं से भी बचाता है।
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