खान-पान की गलत आदतें बना रही हैं हड्डियों को कमजोर, स्वामी रामदेव ने बताए मजबूत बनाने के उपाय
हड्डियों की मजबूती इंसान की पूरी लाइफस्टाइल पर निर्भर करती है। अगर खान-पान और दिनचर्या संतुलित न हो तो हड्डियां जल्दी कमजोर हो जाती हैं और छोटी-सी चोट पर भी टूटने लगती हैं। बदलती लाइफस्टाइल, गलत पॉश्चर और बिगड़े रूटीन के कारण आजकल युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक में हड्डियों से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि फिटनेस सिर्फ बॉडी शेप दिखाने के लिए नहीं है बल्कि यह हड्डियों को मजबूत और लंबे समय तक स्वस्थ बनाए रखने का आधार है।
एक हालिया स्टडी में पाया गया है कि नाश्ता स्किप करना और देर रात खाना खाने की आदत हड्डियों को नुकसान पहुंचाती है। जापान की ‘नारा मेडिकल यूनिवर्सिटी’ की रिसर्च बताती है कि देर रात का डिनर न केवल बॉडी क्लॉक को बिगाड़ता है बल्कि ऑस्टियोपोरोसिस जैसी खतरनाक बीमारी का कारण भी बन सकता है। इस बीमारी में हड्डियां इतनी नाजुक हो जाती हैं कि मामूली चोट, झटका या गिरने पर भी रीढ़, कूल्हे और हाथ-पैर की हड्डियां टूट सकती हैं। स्टडी के मुताबिक देर रात भोजन करने वाले 45% लोगों में गठिया की समस्या पाई गई है, जोड़ों में सूजन और लगातार दर्द इसका सबसे आम लक्षण है।
विशेषज्ञों के अनुसार सिर्फ देर रात का खाना ही नहीं बल्कि ज्यादा नमक, मीठा, जंक फूड, स्मोकिंग, अल्कोहल और स्ट्रेस भी बोन हेल्थ के दुश्मन हैं। ये चीजें शरीर में क्रॉनिक इंफ्लेमेशन को बढ़ाती हैं, जिसके चलते न केवल हड्डियां बल्कि दिल, लिवर और पाचन तंत्र भी प्रभावित होते हैं। अगर समय रहते सुधार न किया जाए तो गठिया, डायबिटीज और हृदय रोग जैसी गंभीर समस्याएं बढ़ सकती हैं। इस स्थिति से बचाव के लिए सबसे आसान उपाय है—संतुलित आहार लेना, हर दिन कम से कम 40 मिनट योग करना और बुरी आदतों से दूरी बनाना।
गठिया की समस्या से बचने के लिए वजन नियंत्रित रखना बेहद जरूरी है। कैल्शियम और विटामिन डी की पर्याप्त मात्रा लेना भी हड्डियों के लिए फायदेमंद है। स्वामी रामदेव के अनुसार रोजाना एक कप दूध पीना, दालचीनी-शहद का सेवन करना, सेब का सिरका लेना और गुनगुना पानी पीना हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है। वहीं, गुनगुने सरसों तेल की मालिश, सेंधा नमक वाले पानी से सिकाई और सही पॉश्चर बनाए रखना भी जोड़ों के दर्द को कम करने का प्राकृतिक तरीका है।
आयुर्वेदिक उपायों की बात करें तो घर पर तैयार किया गया पीड़ान्तक तेल बेहद असरदार माना जाता है। इसे बनाने के लिए अजवाइन, लहसुन, मेथी, सोंठ, हल्दी, निर्गुंडी और पारिजात जैसी औषधीय चीजों को सरसों या तिल के तेल में उबालकर तैयार किया जाता है। इस तेल की मालिश हड्डियों के दर्द और कमजोरी को दूर करती है। इसके अलावा गिलोय का काढ़ा, हरसिंगार फूल का रस, हल्दी-दूध और मेथी-सौंठ का पाउडर भी हड्डियों को मजबूत करने के लिए उत्तम माने गए हैं।
Share this content:
