पैरों में दर्द का बड़ा कारण है बनियन बीमारी, चलना-फिरना हो जाता है मुश्किल; स्वामी रामदेव से जानिए देखभाल के उपाय
पैरों में दर्द का बड़ा कारण है बनियन बीमारी, चलना-फिरना हो जाता है मुश्किल; स्वामी रामदेव से जानिए देखभाल के उपाय
पैर शरीर के पूरे भार को सहन करते हैं, इसलिए उनकी देखभाल बेहद जरूरी है। लेकिन कई लोग पैरों में हो रहे दर्द को गंभीरता से नहीं लेते, जब तक कि दर्द और तकलीफ बढ़कर चलना मुश्किल न कर दे। पैरों में दर्द का एक प्रमुख कारण है बनियन (हैलक्स वैल्गस) नामक बीमारी।
बनियन क्या है?
यह एक फुट डिफॉर्मिटी है जिसमें पैर का अंगूठा बाकी उंगलियों की तरफ मुड़ जाता है और उस स्थान पर हड्डी में उभार बन जाता है। इससे न केवल पैर की आकृति बदल जाती है, बल्कि दर्द भी होता है और चलने-फिरने में भी समस्या आने लगती है।
कौन ज्यादा प्रभावित होता है?
महिलाओं में बनियन की समस्या पुरुषों की तुलना में अधिक होती है। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की रिपोर्ट के अनुसार हर तीन में से एक महिला को जीवन में कभी न कभी बनियन की समस्या होती है। खासकर 40 वर्ष की उम्र के बाद यह समस्या तेजी से बढ़ती है। शहरी इलाकों में गलत जूते, जैसे टाइट और प्वाइंटेड टोज वाले हाई हील्स पहनने की वजह से यह समस्या और बढ़ जाती है।
दूसरे कारण और बीमारियां
पैरों में दर्द का कारण केवल बनियन ही नहीं होता, बल्कि क्रोनिक बीमारियां जैसे न्यूरोपैथी, वैरिकोज वेन्स, गाउट और नर्व संबंधी समस्याएं भी दर्द का कारण बनती हैं।
स्वामी रामदेव के सुझाव
स्वामी रामदेव के अनुसार, पैरों की देखभाल के लिए सही जूते पहनना अत्यंत आवश्यक है। टाइट और प्वाइंटेड जूतों से बचें। नियमित योग और प्राणायाम से पैरों की मांसपेशियों को मजबूत करें। आयुर्वेदिक तेलों से पैरों की मालिश करें और हल्का व्यायाम करें जिससे रक्त संचार बेहतर हो।
निष्कर्ष:
पैरों में दर्द को नज़रअंदाज न करें क्योंकि यह जीवन की गुणवत्ता पर असर डालता है। बनियन और अन्य बीमारियों से बचाव के लिए समय-समय पर उचित देखभाल करें और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं। पैरों को सक्रिय रखना शरीर की सेहत के लिए अनिवार्य है।
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