विजय हजारे ट्रॉफी के सबसे अहम मुकाबले से ठीक पहले मुंबई की टीम को बड़ा झटका लगा है। तूफानी फॉर्म में चल रहे सरफराज खान चोट के कारण कर्नाटक के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मुकाबला नहीं खेल पाए। नेट्स पर अभ्यास के दौरान उनकी उंगली में गंभीर चोट लग गई, जिसके बाद उन्हें टीम से बाहर करना पड़ा। सरफराज की गैरमौजूदगी का असर मैच में साफ नजर आया और मुंबई की शुरुआत बेहद खराब रही।
सरफराज खान को यह चोट क्वार्टर फाइनल से पहले प्रैक्टिस सेशन के दौरान लगी। वह नेट्स में तेज गेंदबाज साईराज पाटिल की गेंदों का सामना कर रहे थे, तभी एक तेज गेंद सीधे उनकी उंगली पर लगी। चोट इतनी गंभीर थी कि उंगली टूट गई और उन्हें तुरंत मैच से बाहर कर दिया गया। टीम मैनेजमेंट के लिए यह फैसला मजबूरी भरा था, क्योंकि सरफराज इस टूर्नामेंट में मुंबई की बल्लेबाजी की रीढ़ बने हुए थे।
चोट लगने से पहले सरफराज खान का विजय हजारे ट्रॉफी में प्रदर्शन बेहद धमाकेदार रहा था। उन्होंने मौजूदा सीजन में मुंबई के लिए 6 मैचों की 5 पारियों में 190.56 की जबरदस्त स्ट्राइक रेट से 303 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 25 चौके और 21 छक्के निकले। पंजाब के खिलाफ लीग स्टेज के आखिरी मुकाबले में उन्होंने सिर्फ 15 गेंदों में अर्धशतक ठोककर लिस्ट ए क्रिकेट में किसी भारतीय द्वारा सबसे तेज फिफ्टी का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया था।
सरफराज के बाहर होने के बाद मुंबई की प्लेइंग इलेवन में ओपनर ईशान मूलचंदानी को मौका दिया गया। हालांकि, वह इस मौके का फायदा नहीं उठा सके। ईशान ने 32 गेंदों में सिर्फ 20 रन बनाए और टीम को वह तेज शुरुआत नहीं दिला पाए, जिसकी कमी सरफराज की अनुपस्थिति में साफ तौर पर खली।
कुल मिलाकर, जिस खिलाड़ी ने पूरे टूर्नामेंट में गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाईं, उसी का क्वार्टर फाइनल से बाहर होना मुंबई के लिए बड़ा झटका साबित हुआ। सरफराज खान की चोट ने न सिर्फ टीम संयोजन बिगाड़ा, बल्कि मुंबई की जीत की उम्मीदों को भी गहरा नुकसान पहुंचाया।
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