क्या हार्दिक पांड्या DC के खिलाफ कर रहे थे चीटिंग? मैच के दौरान अंपायर ने बल्ले की की जांच, जानें पूरी वजह
आईपीएल 2025 के 29वें मुकाबले में एक दिलचस्प नजारा देखने को मिला, जब दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मुकाबले के दौरान अंपायर्स ने मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पांड्या का बल्ला चेक किया। यह घटना उस वक्त हुई जब सूर्यकुमार यादव के आउट होने के बाद हार्दिक पांड्या पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे। जैसे ही वह क्रीज पर पहुंचे, अंपायर ने विशेष उपकरण की मदद से उनके बल्ले की चौड़ाई की जांच की। अंपायर यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि हार्दिक का बल्ला आईपीएल के दिशा-निर्देशों के अनुरूप है या नहीं।
दिलचस्प बात यह है कि 13 अप्रैल को खेले गए दो मैचों में यह तीसरा मौका था जब किसी बल्लेबाज के बल्ले की जांच की गई। इससे पहले राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के मुकाबले में शिमरोन हेटमायर और फिलिप साल्ट के बल्ले की भी इसी तरह जांच की गई थी। आईपीएल नियमों के अनुसार, अंपायर को किसी भी खिलाड़ी के बल्ले की जांच करने का अधिकार है ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि वह टूर्नामेंट के मानकों पर खरा उतरता है।
बल्ले की जांच आईपीएल के नियम 5.7 के तहत की जाती है, जिसमें बल्ले के आकार और बनावट को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, नियमों के उल्लंघन पर कोई जुर्माना नहीं लगाया जाता, लेकिन अगर बल्ला तय मानकों से बड़ा या नियमों के खिलाफ पाया जाता है, तो बल्लेबाज को उसे बदलना पड़ता है।
आईपीएल के नियम के मुताबिक, बल्ले की अधिकतम लंबाई 38 इंच (96.52 सेमी) और चौड़ाई 4.25 इंच (10.8 सेमी) होनी चाहिए। बल्ले की डेप्थ 2.64 इंच (6.7 सेमी) और किनारे 1.56 इंच (4.0 सेमी) से ज्यादा नहीं होने चाहिए। बल्ले के हैंडल की लंबाई भी कुल बैट का 52% से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
ऐसे में हार्दिक पांड्या के बल्ले की जांच पूरी तरह नियमों के तहत की गई थी और इसका उद्देश्य केवल सुनिश्चित करना था कि कोई खिलाड़ी टूर्नामेंट में तकनीकी रूप से अनुचित फायदा न उठा सके। इस घटना से यह भी साफ हो गया कि आईपीएल में नियमों का पालन सख्ती से कराया जा रहा है।
Share this content:
