हैदराबाद और सिकंदराबाद में ईडी की छापेमारी, रियल एस्टेट घोटाले में बड़ा खुलासा
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 16 अप्रैल 2025 को हैदराबाद और सिकंदराबाद में चार अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत साई सूर्या डेवलपर्स और उससे जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ की जा रही जांच के सिलसिले में की गई। यह जांच तेलंगाना पुलिस द्वारा दर्ज की गई कई शिकायतों के आधार पर शुरू हुई थी। इन शिकायतों में भाग्यनगर प्रॉपर्टीज लिमिटेड के निदेशक नरेंद्र सुराना और साई सूर्या डेवलपर्स के मालिक के. सतीश चंद्र गुप्ता समेत अन्य पर धोखाधड़ी और ठगी के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि आरोपियों ने अवैध प्लॉटिंग के जरिए लोगों से एडवांस में पैसे लिए और एक ही प्लॉट को कई लोगों को बेच दिया। बिना किसी वैध एग्रीमेंट के झूठे वादे किए गए और लोगों को ठगा गया। प्राप्त धनराशि को बाद में अपने हितों के लिए घुमाकर इस्तेमाल किया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने निवेशकों से करोड़ों रुपये की रकम ऐंठी और इन पैसों का बेहिसाब लेन-देन किया। छापेमारी के दौरान ईडी को कई अहम दस्तावेज मिले हैं, जिनसे यह स्पष्ट होता है कि किस तरह से आम लोगों से पैसा लेकर उन्हें गुमराह किया गया। खासतौर पर सुराना ग्रुप की प्रॉपर्टीज से 74.50 लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं। इसके अलावा जांच में करीब 100 करोड़ रुपये के कैश ट्रांजैक्शन का भी खुलासा हुआ है, जिसे आय से संबंधित जानकारी में शामिल नहीं किया गया था।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, ईडी की टीमों ने सिकंदराबाद, जुबली हिल्स और बोवेनपल्ली में छापे मारे। बताया गया है कि ‘ग्रीन मीडोज’ नाम के रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में कथित घोटाले को लेकर साई सूर्या डेवलपर्स के मालिक सतीश चंद्र गुप्ता के खिलाफ पुलिस जांच भी चल रही है। इस प्रोजेक्ट के ब्रांड एंबेसडर मशहूर अभिनेता महेश बाबू थे, लेकिन अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उनके खिलाफ फिलहाल कोई आरोप नहीं है।
इस घोटाले से जुड़ी एक शिकायत मधुरा नगर थाने में दर्ज की गई थी, जहां 32 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर नक्का विष्णु वर्धन ने सतीश चंद्र गुप्ता और उनकी कंपनी पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया। शिकायत में बताया गया कि अप्रैल 2021 में ‘ग्रीन मीडोज’ प्रोजेक्ट में नक्का विष्णु वर्धन समेत कई निवेशकों ने कुल तीन करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया था। अन्य निवेशकों में डॉ. सुधाकर राव, श्रीकाकुलम विट्टल महेश, राजेश, श्रीनाथ, के. हरीश, कोटला शशांक, रवि कुमार, के. प्रभावती, वेंकट राव और कृष्ण मोहन शामिल हैं। इन सभी का दावा है कि उन्हें ठगकर उनकी मेहनत की कमाई हड़प ली गई।
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